महाभारत में विदुर जी का महत्वपूर्ण स्थान था। वे बहुत ही कुशाग्र बुद्धि के दूर्दशी व्यक्ति थे। इनका स्वभाव अत्यंत सरल और मृदु था। जिसके कारण भगवान श्री कृष्ण को भी ये प्रिय थे। ये पांडु और धृतराष्ट्र की ही तरह ऋषि वेदव्यास के पुत्र थे परंतु जहां पांडु का जन्म रानी अंबालिका और धृतराष्ट्र का जन्म रानी अंबा के गर्भ से हुआ था तो वहीं विदुर का जन्म एक दासी के गर्भ से हुआ था, जिसके कारण वे राजा नहीं बन पाए। दासी के गर्भ से जन्म होने के बाद भी विदुर जी वेद-वेदान्त में पारंगत अत्यन्त नीतिवान थे। धृतराष्ट्र महत्वपूर्ण विषयों पर विदुर जी से सलाह लेते थे। विदुर जी की बताई गई बातें विदुर नीति के रूप में उपलब्ध हैं। इनकी बताई गई नीतियां आज के समय में भी बहुत हितकारी हैं। महात्मा विदुर नें तीन ऐसी चीजों के बारे में बताया है जिससे आत्मा का नाश होता ये चीजें मनुष्य के लिए नरक के समान हैं।
vidur niti: ये तीन चीजें होती हैं नरक समान, आत्मा का कर देती हैं नाश
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Tue, 04 May 2021 11:48 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन