महाभारत काल में महात्मा विदुर की गिनती बुद्धजीवियों में की जाती थी। ये अत्यंत कुशाग्र बुद्धि, दूरदर्शी और सरल स्वभाव के थे। ये कौरवों और पांडवों के काका और पांडु एवं धृतराष्ट्र के भाई थे परंतु दासी के गर्भ से जन्म लेने के कारण ये राजा नहीं बने। महाराज धृतराष्ट्र विदुर जी से हर विषय पर खुलकर बात किया करते थे और महत्वपूर्ण विषयों में इनसे सलाह भी लेते थे। विदुर जी के द्वारा बताई गई बातें विदुर नीति के रूप में उपलब्ध हैं। विदुर नीति में ऐसे छ लोगों के बारे में बताया गया है जो कभी सुखी नहीं रहते हैं।
Vidur niti: ऐसे लोगों को कभी प्राप्त नहीं होता है सुख, सदैव रहते हैं दुखी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Fri, 23 Apr 2021 10:19 AM IST
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