आज के समय में भी आचार्य चाणक्य की गिनती भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है। ये कई विषयों का गहरा ज्ञान रखते थे। ये अर्थशास्त्र के ज्ञाता थे इसलिए इन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त भी कहा जाता था। आचार्य चाणक्य द्वारा लिखित नीति शास्त्र की नीतियों में जीवन के कई क्षेत्रों से जुड़ी हर समस्या का समाधान बताया गया है। इतने वर्षों के बाद भी नीति शास्त्र की बातें आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। चाणक्य की नीतियां भले ही कठोर लगती हैं परंतु ये मनुष्य को जीवन में सही दिशा देती हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। यदि चाणक्य की नीतियों को सही प्रकार से समझकर जीवन में लागू किया जाए तो ये अंधेरे में दीपक की रोशनी के समान कार्य करती हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में आवश्यकता पूर्ति के लिए धन जरूरी है परंतु धन का कभी अहंकार नहीं करना चाहिए और न ही इसके पीछे भागना चाहिए क्योंकि जीवन में धन से भी महत्वपूर्ण कई और चीजें हैं।
Chanakya niti: धन का न करें अहंकार, उससे भी महत्वपूर्ण होती हैं ये चीजें
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 22 Apr 2021 12:01 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन