फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

चाणक्य नीति: इन चीजों से हमेशा रहना चाहिए दूर, बनती हैं दुख का कारण

Wed, 17 Mar 2021 10:58 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Wed, 17 Mar 2021 10:58 AM IST
विज्ञापन
chanakya niti for successful and happy life in hindi
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

आचार्य चाणक्य राजनीति और कूटनीति में निपुण थे। अपनी बुद्धि कार्य कुशलता से उन्होंने चंद्रगुप्त को शासक के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिक निभाई। चाणक्य एक अच्छे विद्वान होने के साथ ही एक अच्छे शिक्षक भी थे। इन्होंने विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और यहीं पर उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षित भी किया। चाणक्य ने अपने अध्ययन और जीवन के अनुभव के आधार पर नीतिशास्त्र में मनुष्य के जीवन से संबंधित बातों का जिक्र किया है। इतना समय बीत जाने के बाद भी आज के समय में ये बातें मनुष्य के जीवन में सटीक बैठती हैं। चाणक्य की शिक्षाएं भले ही कठोर हैं, लेकिन ये मनुष्य को सही रहा दिखाती हैं। चाण्क्य ने ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जिनसे सदैव दूर रहना चाहिए। 


 

Trending Videos
chanakya niti for successful and happy life in hindi
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

अहंकार से रहें दूर
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अहंकार जैसे अवगुण से सदैव दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति कहती है कि जो व्यक्ति मधुर बोलता है, जिसका व्यवहार लोगों के साथ विनम्र रहता है, वह हर स्थान पर सम्मान प्राप्त करता है। अहंकारी व्यक्ति को सम्मान की प्राप्ति नहीं होती है। अहंकार के कारण व्यक्ति स्वयं को ऊंचा समझने लगता है, जिससे उसकी धीरे-धीरे उसकी प्रतिभा नष्ट होने लगती है। अहंकार के कारण सफलता भी नहीं टिकती है। इसलिए व्यक्ति को अहंकार का त्याग करना चाहिए अन्यथा यह आने वाले जीवन में दुखों का कारण बनता है। 
 

chanakya niti for successful and happy life in hindi
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

अज्ञानता के अंधकार को करें दूर
चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को अपने जीवन में शिक्षा के महत्व को सबसे ऊपर रखना चाहिए। एक शिक्षित व्यक्ति अपने साथ समाज का भी कल्याण करता है। जो लोग अपने जीवन में शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं। वे भविष्य में पछताते हैं। शिक्षा जहां मनुष्य को विषम परिस्थितियों से भी बाहर निकलने का रास्ता दिखाती है तो वहीं अज्ञानता व्यक्ति के दुखों का कारण बनती है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
chanakya niti for successful and happy life in hindi
आचार्य चाणक्य - फोटो : Social media

मन में न लाएं लालच 
चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को अपने मन में कभी भी लालच की भावना नहीं लानी चाहिए। लोभ की भावना भविष्य में व्यक्ति के दुख का कारण बनती है। लालच व्यक्ति को बुरे कर्म करने के लिए प्रेरित करता है। यही बुरे कर्म व्यक्ति के जीवन में कष्टों का कारण बनते हैं। 

विज्ञापन
chanakya niti for successful and happy life in hindi
Chanakya Success Mantra - फोटो : social media

ईर्ष्या से रहें दूर
ईर्ष्या के कारण व्यक्ति दूसरों के सुख को देखकर अंदर ही अंदर दुखी होता रहता है और उसे एक पल की भी शांति प्राप्त नहीं होती है। इसलिए आचार्य चाणक्य कहते हैं कि मनुष्य को हमेशा ईर्ष्या की भावना से दूर रहना चाहिए।  

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स, परामनोविज्ञान समाचार, स्वास्थ्य संबंधी योग समाचार, सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed