Sakat Chauth 2023: संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाने वाला सकट चौथ का व्रत 10 जनवरी 2023, मंगलवार को है। हर वर्ष ये पर्व माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाया जाता है। सकट व्रत को संकष्टी चतुर्थी, तिलकुट और माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत में महिलाएं दिन भर व्रत रखती हैं और शाम के समय भगवान गणेश की पूजा करती हैं। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देते हुए व्रत का पारण करती हैं। इस व्रत को करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। कहा जाता है कि इस व्रत के दौरान मांगी जाने वाली सभी मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती हैं। हालांकि इस व्रत के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए जानते हैं इस दिन किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए...
Sakat Chauth 2023: सकट चौथ व्रत के दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल
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काला वस्त्र न पहने
हिंदू धर्म में काला रंग अशुभ माना जाता है। किसी भी तरह का शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान करते समय काले रंग के कपड़े पहनना वर्जित माना जाता है। ऐसे में सकट व्रत करते समय महिलाएं भूलकर भी काले रंग के कपड़े न पहनें। इस दौरान माताएं पीले या लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ रहेगा।
अर्घ्य देते हुए ये बात रखें ध्यान
सकट चौथ व्रत के दौरान भगवान गणेश की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान है। ऐसे में जब भी आप चंद्रमा को अर्घ्य दें तो इस बात का जरूर ध्यान रखें कि अर्घ्य के दौरान आपके पैरों में जल के छींटे न पड़ें।
बिना चांद को अर्घ्य दिए न करें व्रत का पारण
सकट चौथ व्रत तभी पूरा होता है जब गणेश जी की पूजा करने के बाद चांद के दर्शन करते हुए उन्हें अर्घ्य दिया जाए। बिना चंद्रमा को अर्घ्य दिए पूजा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में भूलकर भी बिना चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित किए व्रत नहीं खोलना चाहिए।
तुलसी की पत्तियों का उपयोग न करें
भगवान गणेश की पूजा में कभी भी तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे गणेश जी नाराज हो सकते हैं। भगवान गणेश को दूर्वा घास बहुत ही प्रिय होती है। ऐसे में उनकी कृपा पाने के लिए पूजा में उन्हें दूर्वा घास जरूर अर्पित करें।