2 अप्रैल, गुरुवार को राम जी का जन्मोेत्सव मनाया जाएगा। इस पावन दिन को रामनवमी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम ने विषम परिस्थितियों में भी स्थिति पर नियंत्रण रख सफलता प्राप्त की उन्होंने हमेशा वेदों और मर्यादा का पालन किया। स्वयं के सुखों से समझौता कर उन्होंने न्याय और सत्य का साथ दिया। जानिए भगवान राम के 5 ऐसे गुण जिनकी वजह से उनका जीवन सफल हुआ और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाएं।
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Ram Navami 2020: भगवान राम के इन गुणों ने बनाया उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम
Thu, 02 Apr 2020 08:21 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Thu, 02 Apr 2020 08:21 AM IST
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ram navami 2020
- फोटो : ram navami 2020
ram navami 2020
सहनशील व धैर्यवान
- सहनशीलता व धैर्य भगवान राम का प्रमुख गुण है। अयोध्या का राजा होते हुए भी श्री राम ने संन्यासी की तरह ही अपना जीवन व्यापन किया। यह उनकी सहनशीलता को दर्शाता है।
हैप्पी राम नवमी
दयालु स्वभाव
- भगवान राम काफी दयालु स्वभाव के रहें। उन्होंने दया कर सभी को अपनी छत्रछाया में लिया। उन्होंने सभी को आगे बढ़ कर नेतृत्व करने का अधिकार दिया। सुग्रीव को राज्य दिलाना उनके दयालु स्वभाव का ही प्रतिक है।
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हैप्पी राम नवमी
मित्रता
- हर जाति, हर वर्ग के व्यक्तियों के साथ भगवान राम ने मित्रता की। हर रिश्तें को श्री राम ने दिल से निभाया। केवट हो या सुग्रीव, निषादराज या विभीषण सभी मित्रों के लिए उन्होंने स्वयं कई बार संकट झेले।
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हैप्पी राम नवमी
बेहतर नेतृत्व क्षमता
- भगवान राम एक कुशल प्रबंधक थे। वो सभी को साथ लेकर चलने वाले थे। भगवान राम के बेहतर नेतृत्व क्षमता की वजह से ही लंका जाने के लिए पत्थरों का सेतु बन पाया।