Padmini Ekadashi 2020: पद्मिनी एकादशी व्रत 27 सितंबर, रविवार के दिन रखा जाएगा। पुरुषोत्तम मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन यह व्रत रखा जाता है। इसलिए इस एकादशी को पुरुषोत्तमी एकादशी भी कहते है। पद्मिनी एकादशी जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी को बेहद प्रिय है। शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि जो व्यक्ति पद्मिनी एकादशी व्रत का पालन सच्चे मन से करता है उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। लेकिन एकादशी के दिन कुछ कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ये कार्य इस प्रकार हैं
Padmini Ekadashi 2020: 27 सितंबर को पद्मिनी एकादशी, इस दिन भूलकर भी न करें ये पांच गलतियां
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एकादशी के दिन चावल का सेवन न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के पावन दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से मनुष्य का जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है। इस दिन जो लोग व्रत नहीं रखते हैं, उन्हें भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
एकादशी के दिन महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए
एकादशी के दिन महिलाओं का अपमान करने से व्रत का फल नहीं मिलता है। सिर्फ एकादशी के दिन ही नहीं व्यक्ति को किसी भी दिन महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान नहीं करते हैं उन्हें जीवन में कई तरहों की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एकादशी के दिन मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए
एकादशी के पावन दिन मांस- मंदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन ऐसा करने से जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दिन व्रत करना चाहिए। अगर आप व्रत नहीं करते हैं तो एकादशी के दिन सात्विक भोजन का ही सेवन करें।
एकादशी के दिन शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए
एकादशी के दिन शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है।