New Year Celebration and Traditions in India: भारत में पंजाब, हरियाणा समेत कुछ राज्यों में आज बैसाखी का पर्व मनाया जा रहा है। सिख समुदाय के लोग बैसाखी को नए साल के रूप में मनाते हैं। वैसे तो अंग्रेजी कैलेंडर या ईसाई धर्म के कैलेंडर के अनुसार पूरी दुनिया एक जनवरी को नया साल मनाती है, लेकिन भारत एक ऐसा देश है जहां एक जनवरी के अलावा भी कई बार नया साल मनाया जाता है। भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर अपनी संस्कृति और परंपराओं के आधार पर नया साल मनाया जाता है। भारत में कहीं सोलर कैलेंडर सिस्टम के आधार पर तो कहीं नए अनाज के कटने के मौके पर नए साल का जश्न मनाया जाता है। ऐसे में चलिए जा जानते हैं कि हमारे विविधताओं वाले भरे देश में कब-कब, कहां और कैसे नया साल मनाया जाता है।
New Year Traditions in India: भारत में एक नहीं, कई बार मनाया जाता है नया साल, जानिए अलग-अलग राज्य और धर्म में कब-कैसे होती है इसकी शुरुआत
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हिंदू नववर्ष और नवसंवत्सर की शुरुआत चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से मानी जाती है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना की थी। साथ ही इसी दिन से विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत होती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार ये तिथि मार्च-अप्रैल में आती है।
चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि से ही मराठी नव वर्ष की शुरुआत होती है। गुड़ी पाड़वा और मराठी-पाडवा भी कहते हैं। इसके अलावा इसी दिन को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में 'उगादि‘ के तौर पर मानते हैं। दक्षिण भारत के इन राज्यों उगादि को नए साल के रूप में मनाते हैं।
नवरेह नव चंद्रवर्ष के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व चैत्र नवरात्र के पहले दिन मनाया जाता है। मुख्य रूप से ये त्योहार कश्मीर में मनाया जाता है। कश्मीरी पंडित बड़े उत्साह के साथ इस पर्व को मनाते हैं।
विषु पर्व को केरल में नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। वहीं तमिलनाडु में इसे बिसु परबा के नाम से जाना जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, ये पर्व भी अप्रैल के महीने पड़ता है।