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नवरात्रि में मुख्य दरवाजे पर तोरण लगाने से पहले जरूर करें ये काम, जानें इसे हटाने का सही नियम

Sat, 17 Oct 2026 01:09 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति मेहरा Updated Sat, 17 Oct 2026 01:09 PM IST
सार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आम के पत्तों का तोरण लगाने से पहले उसकी पूजा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कि इसे लगाने का सही तरीका क्या है और नवरात्रि समाप्त होने पर इसे कैसे हटाना चाहिए? 

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नवरात्रि के बाद तोरण का क्या करें? - फोटो : AI

नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा की आराधना के साथ घर के प्रवेश द्वार को सजाने की परंपरा भी निभाई जाती है। इस अवसर पर श्रद्धालु दरवाजे पर आम के पत्तों की बंदनवार लगाते हैं, कुमकुम से स्वास्तिक बनाते हैं और कलश की स्थापना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन प्रतीकों को शुभता और सकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, आम के पत्तों का तोरण लगाने से पहले उसकी पूजा करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कि इसे लगाने का सही तरीका क्या है और नवरात्रि समाप्त होने पर इसे कैसे हटाना चाहिए? 



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आम के पत्तों का तोरण लगाने से पहले करें पूजा - फोटो : instagram

आम के पत्तों का तोरण लगाने से पहले करें पूजा
नवरात्रि के दौरान घर के मुख्य द्वार पर कुमकुम से स्वास्तिक और श्री का चिह्न बनाना शुभ माना जाता है। इसके साथ आम के पत्तों की बंदनवार भी लगाई जा सकती है। तोरण तैयार करते समय ध्यान रखें कि पत्ते साबुत और अच्छी स्थिति में हों। उन्हें बांधने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला धागा भी ठीक होना चाहिए।
 

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तोरण की पूजा करना क्यों है जरूरी? - फोटो : instagram

तोरण की पूजा करना क्यों है जरूरी?
धार्मिक परंपराओं में आम के वृक्ष को विशेष स्थान प्राप्त है। इसके पत्तों का उपयोग पूजा-पाठ और मांगलिक अवसरों पर भी किया जाता है। कई लोग घर के दरवाजे पर बंदनवार तो लगा देते हैं, लेकिन उसकी पूजा करना भूल जाते हैं। मान्यता के अनुसार, तोरण लगाने से पहले उस पर गंगाजल छिड़ककर विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। इसके बाद ही उसे मुख्य दरवाजे पर लगाना उचित माना जाता है।
 

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तोरण की पूजा करना क्यों है जरूरी? - फोटो : instagram

तोरण लगाते समय घर के मुख्य द्वार की दिशा का भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही, पूरे घर के लिए एक ही बंदनवार लगाने की परंपरा बताई गई है। अलग-अलग जगहों पर कई बंदनवार लगाने से बचने की बात भी कही जाती है।

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नवरात्रि के बाद तोरण हटाते समय न करें यह गलती - फोटो : iStock

नवरात्रि के बाद तोरण हटाते समय न करें यह गलती
नवरात्रि समाप्त होने पर आम के पत्तों की बंदनवार को उतारकर इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, इसे सम्मानपूर्वक हटाकर जल में प्रवाहित करना चाहिए। इन परंपराओं का पालन करके श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान घर के प्रवेश द्वार की सजावट और पूजा कर सकते हैं।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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