हनुमानजी को कलयुग का प्रधान देव कहा गया है। रामचरितमानस के अनुसार माता सीता ने उन्हें अजर-अमर का वरदान दिया हुआ है और इस बात की पुष्टि मेहंदीपुर धाम करता है। शास्त्रों में भी हनुमानजी के अमर होने के सबूत है।
मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामनाएं, बस गलती से भी न करें ये काम
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मान्यता है कि सच्चे दिल से जो भक्त उनका ध्यान करते है वो उन्हें दर्शन देते है। मेहंदीपुर में बालाजी के साथ ही श्री भैरव बाबा और श्री प्रेतराज सरकार के भी साक्षात दर्शन होते हैं। यहां पर तीन देव विराज रहे है इसलिए कुछ भक्त इसे त्रिदेव का धाम भी कहते हैं । श्री बालाजी दरबार के ही ठीक सामने सीता राम का दरबार है। दरबार आमने-सामने है और ऐसा प्रतीत होता बालाजी महाराज अपने प्रभु श्री राम और माता के दर्शन कर रहे हो और प्रभु श्री राम और माता उन्हें देखकर मुस्कुरा रहे हो।
भूत-प्रेत बाधाएं हो या किसी भी तरह का संकट हो यहां आने मात्र से सब ठीक हो जाता हैं । अगर आप भी मेहंदीपुर बालाजी जाना चाहते हैं तो वहां के कुछ नियमो का पालन अवश्य करे। जितने भी समय आप मेहंदीपुर मे रह पूर्ण रूप से सात्विक आहार ले। मांस, मदिरा का सेवन बिलकुल नही करे। मान्यता है की बालाजी धाम कि यात्रा के बाद 41 दिन तक सात्विक आहार ही लेना चाहिए । मेहंदीपुर से खाने पीने का कुछ भी सामान घर को नहीं लाया जाता हैं यहां तक की वहां के प्रसाद को भी घर को नहीं लाया जाता है।
कहते है मेहंदीपुर धाम से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता हैं बालाजी महाराज सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते है। यहां तक कि इस दरबार मे आने वाला नास्तिक भी आस्तिक बन जाता है।