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महाकालेश्वर की भस्म आरती का राज

Tue, 26 Apr 2016 03:06 PM IST
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश झा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 26 Apr 2016 03:06 PM IST
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mahakaleshwar bhasm aarti
महाकालेश्‍वर अारती

कालों के काल महाकाल की नगरी है उज्‍जैन जहां इन द‌िनों महाकुंभ का मेला लगा है। इस मेले में कलाप‌िक बाबा ने भगवान श‌िव की भस्‍म आरती को लेकर सवाल खड़े क‌िए हैं और उन्होंने महाकाल की आरती में श्मशान की राख का इस्तेमाल क‌िए जाने की मांग रखी है। इनका कहना है क‌ि लोगों को इस बात पर उनके साथ आना चाह‌िए नहीं तो यह उज्जैन के ल‌िए संकटकारी हो सकता है।

महाकालेश्वर की भस्‍म आरती का राज

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महाकालेश्‍वर अारती - फोटो : getty images

यह मांग बाबा ने इसल‌िए उठायी है क्योंक‌ि वर्तमान में महाकाल की भस्‍म आरती में कपिला गाय के गोबर से बने कंडे, शमी, पीपल, पलाश, बड़, अमलतास और बेर की लकड़‌ियों को जलाकर तैयार क‌िए गए भस्‍म का प्रयोग क‌िया जाता है। इन्हीं भस्‍म से हर सुबह महाकाल की आरती होती है। दरअसल यह भस्‍म आरती महाकाल का श्रृंगार है और उन्हें जगाने की व‌िध‌ि है।

श्मशान के भष्म से अारती

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महाकालेश्‍वर अारती - फोटो : getty images

ऐसी मान्यता है क‌ि वर्षों पहले श्मशान के भस्‍म से भूतभावन भगवान महाकाल की भस्‍म आरती होती थी लेक‌िन अब यह परंपरा खत्म हो चुकी है और अब कंडे के बने भस्‍म से आरती श्रृंगार क‌िया जा रहा है।

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भष्‍म अारती के न‌ियम

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महाकालेश्‍वर अारती - फोटो : getty images
इस आरती का एक न‌ियम यह भी है क‌ि इसे मह‌िलाएं नहीं देख सकती हैं। इसल‌िए आरती के दौरान कुछ समय के ल‌िए मह‌िलाओं को घूंघट करना पड़ता है।
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महाकालेश्‍वर - फोटो : getty images
आरती के दौरान पुजारी एक वस्‍त्र धोती में होते हैं। इस आरती में अन्य वस्‍त्रों को धारण करने का न‌ियम नहीं है। महाकाल की आरती भस्‍म से होने के पीछे ऐसी मान्यता है क‌ि महाकाल श्मशान के साधक हैं और यही इनका श्रृंगार और आभूषण है।
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