फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Holika Dahan 2022: होलिका में नहीं जलानी चाहिए इन पेड़ों की लकड़ियां, होता है अनिष्ट

Thu, 17 Mar 2022 10:49 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Thu, 17 Mar 2022 10:49 AM IST
विज्ञापन
Holika Dahan 2022: Importance of Trees on the Occasion of Holika Dahan
होलिका दहन में भूलकर भी न करें इन पेड़ों का इस्तेमाल - फोटो : iStock

भारत में होली बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है। ये प्रमुख त्योहारों में से एक है। बसंत का महीना लगने के बाद से ही होली का इंतजार शुरू हो जाता है। इस साल 17 मार्च 2022 को होलिका दहन होगा और 18 मार्च को होली मनाई जाएगी। फागुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के अगले दिन होली मनाई जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन होगा और ठीक आठ दिन पहले से होलाष्टक लग जाएंगे। होलिका दहन से कुछ दिन पहले लकड़ियां इकट्ठा की जाती हैं, जिसके बाद होली के एक दिन पहले विधि-विधान से पूजा पाठ करने के बाद होलिका दहन किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि होलिका दहन के लिए लकड़ियों का चुनाव बेहद सावधानी से करना चाहिए? जी हां, दरअसल कुछ पेड़ ऐसे भी होते हैं जिनका इस्तेमाल होलिका दहन में नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं उन पेड़ों के बारे में...   

Holika Dahan 2022: Importance of Trees on the Occasion of Holika Dahan
होलिका दहन में भूलकर भी न करें इन पेड़ों का इस्तेमाल - फोटो : iStock
होलिका दहन में इन पेड़ों का न करें इस्तेमाल 
  • गलती से भी पीपल के पेड़, शमी का वृक्ष, आम के पेड़, आंवले के पेड़, नीम के पेड़, केले के पेड़, अशोक के पेड़ और बेल के पेड़ की लकड़ियों का होलिका दहन में प्रयोग बिल्कुल भी न करें। इन पेड़ों का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इसलिए होलिका दहन में इन पेड़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। साथ ही हरे-भरे पेड़ का भी होलिका दहन में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 
Holika Dahan 2022: Importance of Trees on the Occasion of Holika Dahan
होलिका दहन में भूलकर भी न करें इन पेड़ों का इस्तेमाल - फोटो : iStock
होलिका दहन में  इन पेड़ों का कर सकते हैं इस्तेमाल 
  • होलिका दहन में एरंड और गूलर के पेड़ की लकड़ियों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, गूलर के पेड़ का भी सनतान धर्म में बहुत महत्व बताया गया है, लेकिन इस मौसम में गूलर के पेड़ की पत्तियां झड़ने लगती हैं। ऐसे में अगर इन वृक्षों की टहनियों को न जलाया जाए तो इसमें कीड़े लगने लगते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Holika Dahan 2022: Importance of Trees on the Occasion of Holika Dahan
होलिका दहन में भूलकर भी न करें इन पेड़ों का इस्तेमाल - फोटो : iStock
उपले और कंडे का करें इस्तेमाल
  • होलिका दहन में गाय के गोबर के कंडों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। गाय का गोबर पूजा-पाठ में विशेष तौर पर काम में लाया जाता है। साथ ही ये अत्यंत शुभ भी माना जाता है। ऐसा करने से वातावरण भी शुद्ध रहता है।  
विज्ञापन
Holika Dahan 2022: Importance of Trees on the Occasion of Holika Dahan
होलिका दहन में भूलकर भी न करें इन पेड़ों का इस्तेमाल - फोटो : iStock
  • इसके अलावा खरपतवार को भी होलिका दहन में जलाया जा सकता है। इसकी वजह से अनावश्यक हरे पेड़ों को नहीं काटना पड़ेगा और खर पतवार को होलिका में जला देने से आसपास की सफाई भी हो जाएगी। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed