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जानिए क्यों एकादशी व्रत में चावल खाने से किया जाता है परहेज

Thu, 26 Apr 2018 08:17 AM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 26 Apr 2018 08:17 AM IST
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do not eat rice on the occasion of ekadashi fasting

हिन्दू धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष महत्व होता है। गुरुवार, 26 अप्रैल को मोहिनी एकादशी का व्रत है। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु के लिए रखा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशी होती हैं। जिस साल मलमास लगता है उस वर्ष इसकी संख्या बढ़ जाती है और यह 26 हो जाती है। एकादशी के व्रत में चावल खाने को वर्जित माना जाता है। आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक कारण।

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do not eat rice on the occasion of ekadashi fasting

एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की आराधना और उनके प्रति समर्पण के भाव को दिखाता है। एकादशी के दिन खान-पान और व्यवहार में संयम और सात्विकता का पालन करना चाहिए।

do not eat rice on the occasion of ekadashi fasting
rice

एकादशी के दिन तामसिक भोजन और मन में बुरे विचार लाने से बचना चाहिए, इसके अलावा भूलकर भी चावल नहीं खाना चाहिए।

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do not eat rice on the occasion of ekadashi fasting
rice

शास्त्रों में सभी 24 एकादशियों में चावल खाने को वर्जित बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म लेता है। 

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दरअसल चावल का संबंध जल से है और जल का संबंध चंद्रमा से है। चंद्रमा चंचलता का प्रतीक है जिसके कारण मन विचलित न होने पाए, इसलिए इस दिन चावल खाने से परहेज करना चाहिए। दरअसल वैज्ञानिक आधार पर एकादशी के दिन शरीर में जल की मात्रा जितनी कम रहेगी व्रत करने में मन उतना ही साफ रहेगा।

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