कठोपनिषद् और गरुड़ पुराण से लेकर शिव पुराण तक सभी में बताया गया है कि जो धरती पर आया है उसे अपने शरीर को छोड़कर एक न एक दिन जाना जरूर है क्योंकि यह धरती मृत्यु लोक है यानी यहां पर मृत्यु का साम्राज्य है। लेकिन मृत्यु के लिए हर व्यक्ति का समय निर्धारित है और उसी समय उसे जाना होता है। अकाल मृत्यु ईश्वर का दंड माना गया है जिसमें व्यक्ति का शरीर छीन जाता है लेकिन उसकी आत्मा को परलोक में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाती है और जब तक उसकी वास्तविक मृत्यु का समय नहीं आता वह बिना शरीर के भटकता रहता है। शिव पुराण में कामदेव की कथा का जिक्र है जिसमें शिव जी द्वार भष्म किए जाने के बाद कामदेव अशरीरी होकर भटकते रहते हैं। लेकिन जिनकी कुदरती मृत्यु होती है उन्हें मृत्यु से पहले कुछ संकेत मिल जाते हैं और यह काम नहीं कर पाते हैं।
मृत्यु से 6 महीने पहले ये 7 काम नहीं कर पाते हैं लोग
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
Updated Tue, 12 Jun 2018 11:50 AM IST
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जब आप से यह काम नहीं हो तब समझ लीजिए मृत्यु नजदीक है
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