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नारद पुराण के अनुसार ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद फिर जन्म नहीं लेना पड़ता
Thu, 19 Jan 2017 01:00 PM IST
राकेश्ा झा/टीम डिजिटल
राकेश्ा झा/टीम डिजिटल
Updated Thu, 19 Jan 2017 01:00 PM IST
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जन्ममृत्युु
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नारद पुराण में धर्मराज ने राजा भगीरथ को बताया है कि किन कार्मों से मनुष्य को मृत्यु के बाद वापस जन्म नहीं लेना पड़ता है यानी मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। अगर आप भी बार-बार जन्म मरण के चक्र से छूटना चाहते हैं तो नारद पुराण की इन बातों से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यह उपाय बहुत मश्किल भी नहीं है इसलिए आप बड़ी आसानी से इनका लाभ पा सकते हैं।
नारद पुराण के अनुसार ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद फिर जन्म नहीं लेना पड़ता है।
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विष्णु
नारद पुराण में बताया गया है कि एकादशी के दिन जो व्यक्ति सुगंधित फूलों से भगवान विष्णु की पूजा करता है वह दस हजार जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है। घी का दीपक भगवान शिव और विष्णु के समक्ष जलाने से गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त होता है। व्यक्ति जिन जिन वस्तुओं को पाने की चाहत रखता है उनका दान करे तो आवागमन से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है।
नारद पुराण के अनुसार ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद फिर जन्म नहीं लेना पड़ता है।
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कृष्ण जन्म
भगवान विष्णु को नियमित तुलसी का पत्ता अर्पित करने वाला भगवान विष्णु के लोक में निवास करता है।
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नारद पुराण के अनुसार ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद फिर जन्म नहीं लेना पड़ता है।
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शिवलिंग
सूर्य के पुष्य नक्षत्र में होने पर, गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र होने पर या बुधवार के दिन अष्टमी तिथि होने पर भगवान शिव का दूध से अभिषेक करने वाला मृत्यु के बाद शिवलोक में जाता है। सोमवार के दिन श्रवण नक्षत्र होने पर भी भगवान शिव का दूध से अभिषेक करने वाला शिवलोक जाता है।
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नारद पुराण के अनुसार ऐसे लोगों को मृत्यु के बाद फिर जन्म नहीं लेना पड़ता है।
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गाय
जो व्यक्ति गाय की सेवा करते हैं और परायी स्त्रियों से दूर रहते हैं वह भगवान विष्णु की कृपा से बैकुंठ लोक में जाते हैं और जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाते हैं।
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