When is Makar Sankranti in 2024: मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार माना जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह साल का पहला पर्व होता है। भारत के अलग-अलग राज्यों में मकर संक्रांति को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। इस त्योहार को गुजरात में उत्तरायण, पूर्वी उत्तर प्रदेश में खिचड़ी और दक्षिण भारत में इस दिन को पोंगल के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में आते हैं, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर संक्रांति कहलाता है I ऐसे में चलिए जानते हैं इस साल मकर संक्रांति कब है, इसकी पूजा विधि, महत्व और उपाय के बारे में...
Makar Sankranti 2024: इस साल कब है मकर संक्रांति? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय
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मकर संक्रांति शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव प्रातः 02 बजकर 54 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
- मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में जाकर स्नान करें।
- फिर इसके बाद साफ वस्त्र पहनकर तांबे के लोटे में पानी भर लें और उसमें काला तिल, गुड़ का छोटा सा टुकड़ा और गंगाजल लेकर सूर्यदेव के मंत्रों का जाप करते हुए अर्घ्य दें।
- इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने के साथ ही शनिदेव को भी जल अर्पित करें।
- इसके बाद गरीबों को तिल और खिचड़ी का दान करें।
मकर संक्रांति के दिन करें ये काम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति के दिन पानी में काले तिल और गंगाजल मिला कर स्नान करें। ऐसा करने से सूर्य और शनि दोनों की कृपा मिलती है, क्योंकि इस दिन सूर्य देव शनि की राशि मकर में प्रवेश करते हैं।
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देना बेहद शुभ होता है। इस दिन तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें काला तिल, गुड़, लाल चंदन, लाल पुष्प, अक्षत आदि डालें और फिर 'ॐ सूर्याय नम:' मंत्र का जाप करते हुए सूर्य को अर्घ्य दें। इससे कुंडली में मौजूद ग्रहों को मजबूती मिलती है।