Vaishakh Purnima 2020: आज वैशाख पूर्णिमा तिथि है। हिन्दू धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बेहद ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस तिथि के दिन भगवान विष्णु का अवतरण हुआ था। इस दिन गंगा स्नान, व्रत, दान-पुण्य करने से पापों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं इस तिथि का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और भगवान विष्णु जी से इसका संबंध।
Buddha Purnima 2020: भगवान विष्णु के अवतार का दिन, जानें मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व
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भगवान विष्णु जी का हुआ था इस रूप में अवतरण
वैशाख पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। भगवान बुद्ध को विष्णु जी का स्वरूप माना जाता है। इसलिए वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। भगवान बुध का जन्म 563 ईसा पूर्व नेपाल के लुम्बिनी नगर में हुआ था।
वैशाख पूर्णिमा मुहूर्त
मई 6, 2020 को शाम 7 बजकर 46 मिनट से पूर्णिमा आरंभ
मई 7, 2020 को शाम 4 बजकर 16 मिनट पर पूर्णिमा समाप्त
वैशाख पूर्णिमा 2020 व्रत विधि
वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान से पहले व्रत का संकल्प लें।
पवित्र नदी या कुंड में स्नान करें और स्नान से पूर्व वरुण देव को प्रणाम करें।
स्नान के पश्चात सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
स्नान से निवृत्त होकर भगवान मधुसूदन की पूजा करनी चाहिए और उन्हें नैवेद्य अर्पित करना चाहिए।
अंत में दान-दक्षिणा दें।
वैशाख पूर्णिमा का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से मनुष्य के मन और शरीर पर पड़ता है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन और द्रव्य पदार्थों का कारक माना जाता है। क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होता है। इसलिए आज के दिन व्यक्ति के मन पर पूर्णिमा का सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। वहीं मनुष्य के शरीर में लगभग 80 फीसदी द्रव्य पदार्थ है। अतः पूर्णिमा को चंद्र ग्रह की पूजा का विधान है, ताकि मन और शरीर पर चंद्रमा का शुभ प्रभाव पड़े।