Sawan 2022 Solah Somwar Vrat: सावन का पवित्र महीना या श्रावण मास भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी आराधना करने के लिए शुभ माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। सावन के महीने का आरंभ 14 जुलाई से हो चुका है और यह 12 अगस्त तक रहेगा। सावन के महीने में सावन सोमवार का व्रत सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है और यदि आप 16 सोमवार तक इस व्रत का पालन करते हैं, तो यह माना जाता है कि ईश्वर आपकी सभी मनोकामना पूरी करेंगे। 16 सोलह सोमवार का पालन कर हुए यह व्रत रखा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह सबसे फलदायी उपवासों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं सोलह सोमवार व्रत रखने की शुरुआत कहां से हुई थी? आइए जानते हैं इससे जुड़ी कथा के बारे में और साथ ही जानेंगे सोलह सोमवार व्रत से जुड़े नियम, पूजा विधि और सामग्री के बारे में।
Sawan 2022 Solah Somvar Vrat: आज से शुरू करें 16 सोमवार व्रत, जानें पूजा के नियम, विधि के बारे में
कैसे हुई सोलह सोमवार व्रत की शुरुआत
शिवपुराण के अनुसार सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ की कामना के लिए सोलह सोमवार का व्रत रखा था। जब माता सती ने सक्ष प्रजापति की पुत्री माता पार्वती के रूप में जन्म लिया था तब उन्होंने महादेव को हर जन्म में अपना पति बनाने का प्रण लिया था। इसी प्रण की वजह से माता पार्वती ने सोलह सोमवार का कठिन व्रत रखा और भगवान शिव की अर्धांगिनी बनीं।
सोलह सोमवार व्रत की पूजा सामग्री
भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए पूरे सोलह सोमवार तक विधि विधान से अभिषेक करना चाहिए। इसके लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता है।
- दूध
- दही
- गंगाजल
- घी
- शहद
- शक्कर
- बेलपत्र
- धूप, दीप
- धतूरा, पुष्प
- सफेद चंदन, रोली, अष्टगंध,
- सफेद वस्त्र
- गन्ने का रस
- मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री
- भोग के लिए फल, मिठाई आदि
सोलह सोमवार व्रत पूजन विधि
- सोलह सोमवार व्रत का पालन करना बहुत आसान है। शुद्ध मन और भक्ति के साथ 16 सोमवार तक व्रत का पालन करने का संकल्प लेना चाहिए।
- ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें और पूजा की सामग्री एकत्रित करें।
- व्रत का संकल्प लेने के लिए हाथ में पान का पत्ता, सुपारी, जल, अक्षत और कुछ सिक्के लेकर शिव जी का इस मंत्र से आह्वान करें- ॐ शिवशंकरमीशानं द्वादशार्द्धं त्रिलोचनम्। उमासहितं देवं शिवं आवाहयाम्यहम्॥
- भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए 16 सोमवार का पूजन प्रदोषकाल में किया जाता है।
- यदि आप घर में शिवलिंग पूजन कर रहे हैं तो शिवलिंग को तांबे के पात्र में रखें और गंगाजल में गाय का दूध मिलकर अभिषेक करें।
- भगवान भोलेनाथ को ॐ नमः शिवाय जाप के साथ पंचामृत अर्पित करें।
- फिर भगवान भोलेनाथ को सफेद चंदन लगाएं
- उपरोक्त दी गईं सोलह सोमवार की पूजन सामग्री भोलेनाथ और माता पार्वती को अर्पित करें।
- धूप, दीप लगाकर सोमवार व्रत की कथा पढ़ें.
- सोलह सोमवार व्रत में भगवान भोलेनाथ को पंजीरी या चूरमे का भोग लगाएं.
सोलह सोमवार व्रत के नियम
- यदि आप सोलह सोमवार व्रत आरंभ करना चाहते हैं तो इसे श्रावण के साथ चैत्र, मार्गशीर्ष और वैशाख मास के पहले सोमवार से शुरु कर सकते हैं।
- सोलह सोमवार की पूजा प्रदोष काल यानि सायं 4 बजे के आसपास करनी चाहिए।
- जब तक सोलह सोमवार व्रत का पारण न करें तब तक तामसिक भोजन ग्रहण न करें।
- सोलह सोमवार के व्रत में ब्रह्मचर्य नियम का जरुर पालन करें।