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Radha Ashtami 2025: राधा अष्टमी पर करें ये खास उपाय, मिल सकता है शीघ्र विवाह का सुख

Sun, 31 Aug 2025 06:57 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 31 Aug 2025 06:57 AM IST
सार

Radha Ashtami Upay:  राधाष्टमी के दिन किए गए विशेष उपाय जीवन की अनेक बाधाओं को दूर कर सकते हैं। विशेष रूप से विवाह में आ रही अड़चनें इस दिन के उपायों से समाप्त हो जाती हैं।

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Radha Ashtami 2025 Remedies to Remove Obstacles in Marriage in hindi
राधाष्टमी के दिन किए गए विशेष उपाय जीवन की अनेक बाधाओं को दूर कर सकते हैं। - फोटो : amarujala

Radha Ashtami Upay: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन श्री राधारानी का प्राकट्य हुआ था और तभी से यह पर्व भक्ति और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु उपवास रखते हैं, राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं और राधारानी से जुड़े मंत्रों का जप कर उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। माना जाता है कि राधाष्टमी का व्रत रखने से घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है तथा साधक को पुण्य की प्राप्ति के साथ पापों से मुक्ति भी मिलती है।


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धार्मिक मान्यता है कि राधाष्टमी के दिन किए गए विशेष उपाय जीवन की अनेक बाधाओं को दूर कर सकते हैं। विशेष रूप से विवाह में आ रही अड़चनें इस दिन के उपायों से समाप्त हो जाती हैं। भक्त राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन होकर पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित करते हैं और भक्ति गीतों का आयोजन करते हैं। ऐसे में आइये जानते हैं राधाष्टमी कब है और इसके महत्व और उपायों के बारे में ।
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Radha Ashtami 2025 Remedies to Remove Obstacles in Marriage in hindi
राधाष्टमी का पर्व इस बार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाएगा। - फोटो : अमर उजाला

राधाष्टमी का शुभ मुहूर्त 2025
राधाष्टमी का पर्व इस बार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि की शुरुआत 30 अगस्त 2025 को रात 10:46 बजे होगी और इसका समापन 31 अगस्त 2025 को देर रात 12:57 बजे होगा। चूँकि उदया तिथि 31 अगस्त को पड़ रही है, इसलिए व्रत और पूजा इसी दिन की जाएगी।
राधारानी के इस पावन जन्मोत्सव को इस्कॉन मंदिरों में भी 31 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, राधाष्टमी की पूजा का सबसे शुभ समय मध्याह्न काल होता है। इस वर्ष पूजा का विशेष मुहूर्त 31 अगस्त को सुबह 10:42 बजे से दोपहर 1:14 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में राधा-कृष्ण की आराधना करने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में प्रेम, भक्ति और समृद्धि का संचार होता है।

राधा अष्टमी 2025 के विशेष उपाय

Radha Ashtami 2025 Remedies to Remove Obstacles in Marriage in hindi
अविवाहित जातकों के विवाह में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। - फोटो : adobe stock

विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए
राधा अष्टमी के दिन राधा-कृष्ण जी के युगल स्वरूप की पूजा करें और श्रद्धापूर्वक श्रीराधा रानी को गुलाब के फूल अर्पित करें। पूजा के बाद “राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र” का पाठ करें। मान्यता है कि इस उपाय से राधारानी की कृपा प्राप्त होती है और अविवाहित जातकों के विवाह में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। इससे विवाह के योग शीघ्र बनने लगते हैं।

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इस पावन अवसर पर गुप्त रूप से दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। - फोटो : adobe stock

शुभ दान से खुलते हैं भाग्य के द्वार
इस पावन अवसर पर गुप्त रूप से दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। राधाष्टमी के दिन तिल का दान अवश्य करें। इसके अलावा उड़द की दाल, काले कपड़े और लोहे से बनी वस्तुओं का दान भी करें। ऐसा करने से जातक के विवाह में आ रही अड़चनें दूर हो सकती हैं। साथ ही, यह दान मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति में भी सहायक होता है।

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विवाह योग के लिए मंत्र जाप - फोटो : freepik

विवाह योग के लिए मंत्र जाप

  • अविवाहित जातकों को इस दिन पूजा के दौरान “ॐ ह्रीं श्री राधिकायै नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  • प्रेम विवाह की इच्छा रखने वालों को राधा अष्टमी पर “ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा” मंत्र का जाप करना चाहिए। कम से कम 5 माला जाप करने से रिश्तों में मजबूती आती है और इच्छित विवाह का मार्ग प्रशस्त होता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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