हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, नागों की उत्पत्ति समुद्र मंथन के समय हुई थी। जब देवता और दानव मिलकर समुद्र मंथन कर रहे थे, तब उसमें से अमृत के साथ-साथ कई विषैले पदार्थ भी निकले थे। इन विषैले पदार्थों को पीने से भगवान शिव का गला नीला पड़ गया था, इसलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है। इस विष को पीने के बाद भगवान शिव ने इसे अपने शरीर में ही रख लिया था। सनातन धर्म इसको लेकर कई मान्यताएं हैं, जिसको लेकर नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
नागपंचमी विशेष: नागों से जुड़ी हैं ये मान्यताएं, आखिर क्यों मनुष्यों के बीच रहस्यमयी हैं सर्प
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Fri, 26 Jul 2024 09:08 PM IST
सार
इस साल नागपंचमी का त्योहार 09 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नागों से जुड़ी कई ऐसी मान्यताएं हैं जो उन्हें मनुष्यों के लिए रहस्यमयी बनाती हैं? आइए जानते हैं नागों से जुड़ी कुछ रोचक बातें।
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