{"_id":"5f96a5318ebc3e9bc4245a68","slug":"karwa-chauth-2020-these-five-things-remember-before-chandra-darshan-in-karwa-chauth","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Karwa Chauth 2020: करवा चौथ के दिन चंद्र दर्शन से पहले जरूर बरतें ये सावधानियां","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Karwa Chauth 2020: करवा चौथ के दिन चंद्र दर्शन से पहले जरूर बरतें ये सावधानियां
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Sun, 01 Nov 2020 07:52 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
करवा चौथ 2020
- फोटो : karwa chauth 2020
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
Karwa Chauth 2020: करवा चौथ का पावन व्रत 4 नवंबर को रखा जाएगा। हर साल यह व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस व्रत को सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए रखती है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। यह व्रत चंद्र दर्शन के साथ खोला जाता है। लेकिन व्रती को चंद्र दर्शन से पहले कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे -
2 of 6
करवा चौथ 2020
- फोटो : Facebook
पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इससे महिलाओं का सौभाग्य भी बढ़ता है। इस व्रत में महिलाएं सुबह 4 बजे उठकर सरगी खाती हैं और दिनभर पानी तक नहीं पीती हैं। कई पति भी पत्नी के साथ यह व्रत करते हैं। महिलाएं चंद्रोदय के समय पूजा की थाली सजाती हैं।
3 of 6
करवा चौथ 2020
- फोटो : ट्विटर
इस व्रत में चांद देखने से पहले यदि महिलाएं सास, मां या अन्य किसी बुजुर्ग का अनादर करती हैं तो यह व्रत पूरा नहीं माना जाता है। क्योंकि इस व्रत में पति की कामना के साथ ही बड़े-बुजुर्गों का भी महत्व होता है। इस दिन गौरी मां की पूजा की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
करवा चौथ 2020
- फोटो : डेमो
उन्हें हलवे-पूरी का भोग लगाने के बाद यह प्रसाद आदर पूर्वक अपनी सास को देना न भूलें। इस व्रत के दिन विवाहित महिलाएं चांद देखने से पहले किसी को भी दूध, दही, चावल, सफेद कपड़ा या कोई भी सफेद वस्तु न दें। माना जाता है कि ऐसा करने से चंद्रमा नाराज हो जाते हैं और अशुभ फल देते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
करवा चौथ 2020
- फोटो : अमर उजाला
इस दिन गेहूं अथवा चावल के 13 दानें हाथ में लेकर कथा सुननी चाहिए। मिट्टी के करवे में गेहूं, ढक्कन में चीनी एवं उसके ऊपर वस्त्र आदि रखकर सास, जेठानी को देना चाहिए। रात में चंद्रमा उदय होने पर छलनी की ओट में चंद्रमा का दर्शन करके अर्घ्य देने के पश्चात व्रत खोलना शुभप्रद रहता है। शास्त्रों के अनुसार महाभारत काल में द्रोपदी ने अर्जुन के लिए यह व्रत किया था।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।