Kab Hai Safla Ekadashi: सनातन धर्म में सफला एकादशी एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। 'सफला' शब्द का अर्थ सफलता से जुड़ा है। धर्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से भक्त अपने सभी कार्यों को करने में सफल होते हैं। माना जाता है कि यह व्रत करने से भगवान विष्णु सभी पापों का नाश करते हैं। लोक मान्यताओं के मुताबिक, सफला एकादशी का व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन भक्तजन व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और विधि-विधान से व्रत का पारण करते हैं। अक्सर सफला एकादशी के दिन भक्त कुछ ऐसे कार्य करते हैं, जिसे उन्हें नहीं करना चाहिए। इसलिए आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि सफला एकादशी के दिन किन कार्यों को करने से बचना चाहिए।
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सफला एकादशी 2024
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कब है सफला एकादशी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार पौष माह कि एकादशी तिथि 25 दिसंबर को रात 10 बजकर 29 मिनट पर शुरू होगी और 27 दिसंबर रात 12 बजकर 43 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत 26 दिसंबर को ही रखा जाएगा। अब आइए जानते हैं इस दिन कौन से तीन काम नहीं करना चाहिए।
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सफला एकादशी
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मांस-मदिरा का सेवन न करें
एकादशी के पावन दिन मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का सेवन वर्जित माना जाता है। इनका सेवन करने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं। इसलिए इस दिन सात्विक भोजन करना ही श्रेष्ठ होता है।
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लहसुन और प्याज का सेवन से बचें
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लहसुन और प्याज का सेवन से बचें
एकादशी के पावन दिन लहसुन और प्याज का सेवन भी वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि लहसुन और प्याज का सेवन करने से मन को अशांत रहता है। इनका सेवन करने से व्यक्ति के मन में क्रोध, लोभ और अहंकार जैसे विकार बढ़ सकते हैं। इसलिए एकादशी के दिन शांत मन से भगवान की आराधना करने के लिए इनसे परहेज करना चाहिए।
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सफला एकादशी 2024
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काले रंग के कपड़े न पहनें
एकादशी का दिन पवित्र और शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन काले रंग के कपड़े पहनना अशुभ माना जाता। इस दिन किसी भी इंसान को हल्के रंग का कपड़ा पहनना चाहिए, जैसे कि सफेद या पीला।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।