फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Chaitra Navratri 2023: नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ, जानें इसका महत्व और शुभ-अशुभ संकेत

Tue, 21 Mar 2023 03:03 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Tue, 21 Mar 2023 03:03 PM IST
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2023 Why Is Barley Sown in Navratri Know Its Religious Significance News in Hindi
नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ, जानें इसका महत्व और शुभ-अशुभ संकेत - फोटो : अमर उजाला

Chaitra Navratri 2023: इस साल 22 मार्च 2023 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के इन नौ दिनों को बहुत ही पावन माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्रि के दिनों में लोग अपने घर में अखंड ज्योति जलाते हैं और मां जगदंबे की पूजा आराधना करते हैं। नवरात्रि में पूजा और व्रत के अलावा कलश स्थापना और जवारे या जौ का बहुत अधिक महत्व होता है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना यानी कलश स्थापना की जाती है और जौ बोए जाते हैं। नवरात्रि में मिट्टी के बर्तन में जौ बोने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि इसके बिना मां दुर्गा की पूजा अधूरी रह जाती है। ऐसे में चलिए आज जानते हैं कि नवरात्रि में आखिर जौ क्यों बोए जाते हैं और इसके पीछे की धार्मिक मान्यता क्या है...  



Chaitra Navratri 2023: चैत्र नवरात्रि में अगर आप रख रहे हैं व्रत, तो इन बातों का रखें ध्यान 

Chaitra Navratri 2023 Why Is Barley Sown in Navratri Know Its Religious Significance News in Hindi
नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ, जानें इसका महत्व और शुभ-अशुभ संकेत - फोटो : iStock

धर्मग्रंथों के अनुसार, जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की तब वनस्पतियों में जो फसल सबसे पहले विकसित हुई थी वो थी ‘जौ’। यही वजह है कि नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ पूरे विधि-विधान से जौ बोई जाती है। इसके अलावा जब भी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है या हवन किया जाता है तो जौ अर्पित किए जाते हैं। 

Chaitra Navratri 2023 Why Is Barley Sown in Navratri Know Its Religious Significance News in Hindi
नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ, जानें इसका महत्व और शुभ-अशुभ संकेत - फोटो : iStock

जौ को सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के समय जौ की सबसे पहले पूजा की जाती है और उसे कलश में भी स्थापित किया जाता है। साथ ही ये भी कहा जाता है कि जौ अन्न ब्रह्मा के समान है और अन्न का हमेशा सम्मान करना चाहिए। इसलिए पूजा में जौ का इस्तेमाल किया जाता है।  

Gudi Padwa 2023 Date: इस दिन मनाया जाएगा गुड़ी पड़वा का पर्व, जानें तिथि और धार्मिक महत्व 

विज्ञापन
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2023 Why Is Barley Sown in Navratri Know Its Religious Significance News in Hindi
नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ, जानें इसका महत्व और शुभ-अशुभ संकेत - फोटो : iStock

ये संकेत देते हैं नवरात्रि में बोए गए जौ 
आपने देखा होगा कि नवरात्रि में कलश स्थापना के दौरान बोया गया जौ दो-तीन दिन में ही अंकुरित हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार यदि ये जौ दो-तीन दिन में न उगें तो भविष्य में आपके लिए अच्छे संकेत नहीं है। इसका मतलब ये है कि आपको कड़ी मेहनत के बाद भी उसका फल नहीं मिलेगा। 

विज्ञापन
Chaitra Navratri 2023 Why Is Barley Sown in Navratri Know Its Religious Significance News in Hindi
नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ, जानें इसका महत्व और शुभ-अशुभ संकेत - फोटो : iStock
इसके अलावा जौ के उग जाने के बाद जब जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा हो तो इसका मतलब आने वाले साल का आधा समय आपके लिए ठीक रहेगा, लेकिन बाद का समय परेशानियों भरा रहेगा। 

Chaitra Navratri 2023: जल्द शुरू होने वाली है चैत्र नवरात्रि, जानें घटस्थापना विधि और मुहूर्त 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed