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Navratri Puja Samagri: जानिए नवरात्रि में देवी की पूजा में काम आने वाली सामग्री और उनका महत्व

Wed, 22 Mar 2023 12:04 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Wed, 22 Mar 2023 12:04 AM IST
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Chaitra Navratri 2023 Importance Of Kalash Sthapana And Navratri Puja Samagri Significance
Navratri 2023: नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत रखने और पूजन करने वालों के लिए कुछ नियम होते हैं। - फोटो : अमर उजाला
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि बुधवार 22 मार्च से नवरात्रि शुरू हो गए हैं, जो 30 मार्च तक चलेंगे। पहले दिन नवरात्रि की शुरुआत गजकेसरी, बुधादित्य और सिद्ध मुहूर्त में होगी। इसके बाद पूरे नौ दिनों में चार दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे। यह सभी योग माता की पूजा और खरीदारी करने के लिए बहुत शुभ माने गए हैं। नवरात्रि के पावन दिनों में देवी भगवती की आराधना और साधना में प्रयुक्त होने वाली प्रत्येक पूजा सामग्री का प्रतीकात्मक महत्व होता है। आइए जानते हैं...
Chaitra Navratri 2023 Importance Of Kalash Sthapana And Navratri Puja Samagri Significance
नवरात्रि की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala
स्वास्तिक- सत्य, शाश्वत, शांति, अनंतदिव्य, ऐश्वर्य, सम्पन्नता और सौंदर्य का प्रतीक माना जाने वाला यह मांगलिक चिन्ह बहुत ही शुभ है। इसी कारण किसी भी शुभ कार्य के शुभारंभ से पहले स्वास्तिक चिन्ह बनाकर पूजा करने का विधान है।

महत्व- इसमें सारे विघ्नों को हरने और अंमगल दूर करने की शक्ति निहित है। जो इसकी प्रतिष्ठा किए बिना मांगलिक कार्य करता है। वह कार्य निर्विघ्न सफल नहीं होता।
Chaitra Navratri 2023 Importance Of Kalash Sthapana And Navratri Puja Samagri Significance
चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना विधि और मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
कलश- धर्म शास्त्रों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि, वैभव और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश में सभी ग्रह, नक्षत्रों, देवी-देवताओं और तीर्थों का वास होता है। इसलिए नवरात्रि पूजा में घट स्थापना का सर्वाधिक महत्व है।
महत्व- नवरात्रि में विधिपूर्वक कलश पूजन से सभी देवी-देवताओं का पूजन हो जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और सौभाग्य आता है।
 
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Chaitra Navratri 2023 Importance Of Kalash Sthapana And Navratri Puja Samagri Significance
navratri - फोटो : iStock
ज्वारे- नवरात्रि में कलश स्थापना के साथ ही जौ बोए जाते हैं बिना इसके माता की पूजा अधूरी मानी जाती है। जौ समृद्धि, शांति, उन्नति और खुशहाली का प्रतीक होते हैं। ऐसी मान्यता है कि जौ उगने की गुणवत्ता से भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।

महत्व- मान्यता है कि अगर जौ तेज़ी से बढ़ते हैं तो घर में सुख-समृद्धि आती है,घर की नेगेटिव एनर्जी दूर होती है।
 
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Chaitra Navratri 2023 Importance Of Kalash Sthapana And Navratri Puja Samagri Significance
navratri 2023 - फोटो : अमर उजाला
तोरण- पूजा-अनुष्ठान के दौरान मुख्यद्वार पर आम या अशोक के पत्तों की बंदनवार लगाई जाती है। मान्यता है कि देवी पूजा के प्रथम दिन देवी के साथ तामसिक शक्तियां भी होती हैं।

महत्व- मंगल करने वाला तोरण लगाने से घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करतीं।देवी घर में प्रवेश करती हैं,पर बंदनवार लगी होने से तामसिक शक्तियां घर के बाहर ही रहती हैं।
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