पर्यटन नगरी कुल्लू, मनाली आने वाले सैलानियों के लिए ब्यास की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच जानलेवा साबित हो रहा है। महाराष्ट्र के डोंबीवली ईस्ट के रहने वाले सागर श्यामकांत जगे से ब्यास की लहरों ने उनका जीवनसाथी ही छीन लिया है। एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर राफ्ट में बैठे सागर जगे को क्या मालूम था कि वह अपनी पत्नी सारा जगे के साथ अंतिम यात्रा कर रहे हैं।
राफ्ट में बैठे दोनों पति-पत्नी हंसते खेलते हुए ब्यास की लहरों पर अठखेलियां करते हुए भुंतर की तरफ जा ही रहे थे। जैसे ही राफ्ट भुंतर एयरपोर्ट के पास पहुंची तो अचानक वह पलट गई। सागर जगे का हाथ उनकी पत्नी सारा जगे के हाथ से छूट गया। इससे सारा पानी में डूब गई। जब तक उसे पानी से बाहर निकाला तब तक उसकी जान जा चुकी थी।
पलभर में दंपती की खुशियां मातम में बदल गईं। सागर जगे के पांव के नीचे से जमीन खिसक गई। उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि अब उसकी पत्नी नहीं रही। अपनी पत्नी को खो देने के बाद सागर जगे का रो-रोकर बुरा हाल है। वह समझ ही नहीं पा रहा है कि यह सब क्या हो गया। सागर ने कहा कि उसकी पत्नी बहुत खुश थी।
टूर पर वे लोग काफी आनंद उठा रहे थे। अभागे सागर को क्या पता था कि यह यात्रा उसकी पत्नी के साथ अंतिम यात्रा है। हालांकि जब दोनों पति-पत्नी राफ्टिंग करने गए थे तो उन्होंने अपने आठ साल के बेटे दुर्वांग जगे को अपने साथियों के पास छोड़ा था। अपने मां को खो देने के बाद दुर्वांग बेसुध है।
वह कुछ भी नहीं बोल पा रहा है। अपने बेटे को देखकर उसके पिता की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। अस्पताल में सागर को बिलखता देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं थीं। हालांकि कई लोग सागर जगे को दिलासा देते नजर आए। वह बार-बार अपनी किस्मत को कोस रहा था। भरे पूरे परिवार के साथ आए सागर जगे को वापस रोते बिलखते जाना पड़ रहा है।