पाक में छाया पठानकोट, पढ़िए क्या बोले अखबार
पाकिस्तान के उर्दू अखबारों ने पठानकोट एयरबेस हमले और दोतरफा संबंधों को फिर पटरी पर लाने की कोशिशों को प्रमुखता से लिखा है। जंग, दुनिया, वक्त, एक्सप्रेस और जसारत जैसे सभी बड़े अखबारों में पठानकोट हमले और पाकिस्तान की तरफ से कड़े शब्दों में इसकी निंदा को पहली खबर बनाया गया है।
पाक में छाया पठानकोट, पढ़िए क्या बोले अखबार
‘जंग’ में भारत के केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू का ये बयान प्रमुखता से छपा है कि हमलावरों को सरहद पार से कुछ तत्वों की मदद हासिल थी जबकि पंजाब कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह का ये बयान भी अखबार में है कि ये दोतरफा बातचीत में बाधा पहुंचाने की कोशिश है। वहीं ‘जसारत’ में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का ये बयान भी है कि पाकिस्तान दहशतगतगर्दी के खिलाफ भारत समेत सभी देशों से सहयोग करता रहेगा।
पाक में छाया पठानकोट, पढ़िए क्या बोले अखबार
रोजनामा ‘वक्त’ लिखता है कि जिस तरह पठानकोट एयरबेस पर हमला हुआ, ठीक उसी तरह पाकिस्तानी एयरबेसों पर दो बार हमले हो चुके हैं और इससे जाहिर होता है कि वही हमलावर जिन्होंने पाकिस्तान को निशाना बनाया था, वही भारत में भी घुसपैठ करने में कामयाब रहे।
पाक में छाया पठानकोट, पढ़िए क्या बोले अखबार
दूसरी तरफ, पठानकोट हमले से पहले पाकिस्तानी उर्दू मीडिया में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस बयान पर कई अखबारों ने संपादकीय लिखे कि पड़ोसियों के साथ दुश्मन नहीं बल्कि दोस्त बनकर रहना वक्त का तकाजा है। ये बात उन्होंने पिछले दिनों पाकिस्तान-चीन आर्थिक कॉरिडोर के पश्चिमी रूट की आधारशिला रखते हुए कही थी।
पाक में छाया पठानकोट, पढ़िए क्या बोले अखबार
‘नवा-ए-वक्त’ लिखता है कि नवाज शरीफ के बारे में पहले से माना जाता है कि वह भारत को लेकर नरम हैं और उसके साथ कश्मीर, पानी, सर क्रीक और सियाचिन जैसे गंभीर मसले बरकरार होने के बावजूद भारत से दोस्ती और तिजारत के पैरोकार हैं। लेकिन एक तरफ अखबार कश्मीर को अपना अटूट अंग बताने वाले भारत के बयान पर एतराज जताता है, वहीं भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ पर बलूचिस्तान में गड़बड़ फैलाने का आरोप लगाता है। अखबार की तल्ख टिप्पणी है कि राष्ट्र को भारत के साथ दोस्ती देश की सलामती की कीमत पर मंजूर नहीं होगी।