भारत की 8 बातें जो नेपालियों को पसंद नहीं, क्या जानते हैं आप?
भारत और नेपाल के जिस तरह के अनोखे रिश्ते रहे हैं, वैसे रिश्ते दुनिया में मुश्किल ही देखने को मिलते हैं। दोनों देशों के बीच 1,700 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है जिसके दोनों ओर रहने वाले लोग ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक रूप से बहुत ही घुले-मिले हैं। लेकिन इतिहास बताता है कि रिश्ते हमेशा मधुर नहीं रहते हैं। समय-समय पर इन दोनों देशों के रिश्तों में भी तनाव आया है, और कभी-कभी तो हालात यहां तक पहुंचे हैं कि उनसे उबरने में ख़ासा समय लगा। नेपाल में पिछले दिनों नया संविधान लागू होने के बाद भी हालात कुछ-कुछ ऐसे ही पैदा हो रहे हैं, ख़ासकर इस संविधान को लेकर भारत की 'ठंडी प्रतिक्रिया' के बाद।
भारत की 8 बातें जो नेपालियों को पसंद नहीं, क्या जानते हैं आप?
बहुत से नेपाली दोनों देशों के बीच जल संधियों पर भी सवाल उठाते हैं। भारत खुले तौर पर दक्षिणी नेपाल की उन पार्टियों का समर्थन कर रहा है जो संविधान का विरोध कर रही हैं जबकि नेपाल की बड़ी पार्टियों ने भारत पर देश की आर्थिक नाकेबंदी का आरोप लगाया है। नेपाल की छोटी सी अर्थव्यवस्था लगभग पूरी तरह से, भारत से आने वाले सामान की आपूर्ति पर टिकी है। बात नमक की हो या कारों, पेट्रो उत्पादों की या अस्पताल के आपात उपकरणों की आपूर्ति की, सब कुछ भारत से ही आता है। नेपाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने और उसका समर्थन करने का श्रेय भी बहुत हद तक भारत को ही जाता है। इतने सघन आपसी तालमेल के बावजूद भारत को लेकर कुछ ऐसी बातें जो नेपाली लोगों को क़तई पसंद नहीं आती हैं।
भारत की 8 बातें जो नेपालियों को पसंद नहीं, क्या जानते हैं आप?
1.‘बिग ब्रदर’ वाला नज़रिया-बहुत से नेपाली लोगों को लगता है कि नेपाल के मामले में भारत 'बड़े भाई वाला दबदबा' दिखाता है। भारत पर आरोप लगते हैं कि वो कूटनीतिक ताक़त का इस्तेमाल नेपाल में अपने हितों को साधने के लिए करता है। हालिया 'नाकेबंदी' प्रकरण को भी बहुत से लोग इसी का एक उदाहरण मानते हैं।
भारत की 8 बातें जो नेपालियों को पसंद नहीं, क्या जानते हैं आप?
2.'असमान' संधियां-ऐसी संधियों की एक लंबी सूची है जिन्हें नेपाली पक्ष असमान मानता है। 1950 की शांति और मित्रता संधि से लेकर इस सूची में गंडक, कोशी और महाकाली जल संधियां शामिल हैं। बहुत से लोगों को लगता है कि नेपाल को उसके हिस्से का पानी नहीं दिया जा रहा है। हाल में नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारत विरोधी प्रदर्शन हुए। बहुत से लोग इस बात से भी ख़फ़ा रहते हैं कि नेपाली राजनीतिक नेतृत्व ‘भारत की शर्तों को सामने आसानी से झुक जाता है’।
भारत की 8 बातें जो नेपालियों को पसंद नहीं, क्या जानते हैं आप?
3.संप्रभुता के लिए ‘सम्मान नहीं’-बहुत से नेपाली लोग सोचते हैं कि नेपाल किसी भी अहम मुद्दे पर भारत से सलाह-मशविरा ज़रूर करता है, भले ही वो घरेलू मुद्दा क्यों न हो। नेपाल के नए संविधान को वहाँ के लगभग 90 प्रतिशत जनप्रतिनिधियों ने अपना समर्थन दिया है। बहुत से नेपाली लोग भारत की 'आपत्ति' से नाराज़ हैं।