जहां लड़े गए पिछली सदी के युद्ध
स्विस फ़ोटोग्राफ़र पीटर हेबाइज़ेन ने उन जगहों से जुड़ी जानकारियों को दर्ज करने में दस साल लगाए हैं जो 20वीं सदी में यूरोप में जंग के मैदान रहे। यहां आप माउंट लागाज़ुओई का इलाक़ा देख रहे हैं जो पहले विश्व युद्ध में ऑस्ट्रिया और इटली के बीच संघर्ष का गवाह बना।
जहां लड़े गए पिछली सदी के युद्ध
हेबाइज़ेन की ली गई तस्वरों में संकट वाले क्षेत्रों को दिखाया गया है जिसमें वेरडुन, स्टालिनग्राद और साराएवो जैसी जगह शामिल हैं। ये तस्वीर साराएवो की है।
जहां लड़े गए पिछली सदी के युद्ध
स्पैनिश गृह युद्ध के दौरान 1937 में जब नाज़ी जर्मनी की वायुसेना लुफ्तवाफ़े ने गुएरनिसा शहर पर बम बरसाए तो न सिर्फ़ इस शहर के लोगों में दहशत फैल गई बल्कि सुनियोजित तरीक़े से की गई तबाही से पूरे यूरोप के लोग सहम गए।
जहां लड़े गए पिछली सदी के युद्ध
5 जुलाई 1943 को सूरज भी नहीं निकला था कि रूस का आकाश धमाकों की रोशनी से नहा उठा और भारी बमबारी से ज़मीन भी दहल गई। जब सूरज निकला तो पता चला कि जर्मन टैंकर सूरजमुखी और गेंहू के खेतों को रौंदते चले आ रहे हैं। कुर्स्क की लड़ाई में जर्मनी के लगभग तीन हज़ार टैंकों के सामने उससे दोगुनी संख्या में सोवियत टैंक मौजूद थे।
जहां लड़े गए पिछली सदी के युद्ध
विंस्टन चर्चिल ने इसे दूसरे विश्व युद्ध का सबसे 'जटिल और मुश्किल' अभियान बताया था। ऑपरेशन ओवरलॉर्ड जोखिम भरा था, और महंगा भी, लेकिन क़ब्ज़ाए गए फ्रांस पर मित्र देशों के हमले की कामयाबी से ही इस युद्ध के नतीजा तय होना था। यही वो गोल्ड बीच इलाक़ा है जहां से ब्रिटेन की 50वीं इंफेंट्री डिविज़न अंदर फुर्ती से दाख़िल हुई।