मुस्लिम लड़की के खत पर पसीजा मोदी का दिल, लिखा क्या था?
आगरा में मंटोला के टीला अजमेरी खां की बेहद तंग गली में अपने टूटे-फूटे घर में रस्सी से जोड़कर खड़ी की गई लकड़ी की बेंच पर बैठी तैयबा एक तस्वीर में रंग भर रही है। बच्ची थोड़ा आराम चाहती है, लेकिन मीडिया वाले सवाल पर सवाल कर रहे हैं। सवाल सुन सुनकर उसके कान पक चुके हैं, अब जवाब नहीं देना चाहती। लेकिन तभी मुस्कुराते हुए ‘ब्रेकिंग न्यूज’ देती है, मैं मोदी अंकल से मिलने 25 मई की रैली में मथुरा जाऊंगी। अंकल को एक और खत लिखकर टाइम मांगूंगी। (सभी फोटो: अमर उजाला ब्यूरो, आगरा)
मुस्लिम लड़की के खत पर पसीजा मोदी का दिल, लिखा क्या था?
चौथी क्लास में पढ़ने वाली 12 साल की तैयबा को लगता है कि ‘मोदी अंकल’ उसका ये वाला खत भी वैसे ही पढ़ेंगे, जैसे पहले वाला पढ़ा था। उसे चिट्ठी भेजकर रैली में बुलाएंगे। उनसे ढेर सारी बातें करेगी और फिर थैंक यू कहेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने उसकी बीमारी का खर्च उठाने का वादा जो किया है। उसके दिल में छेद है, ऑपरेशन जरूरी है। इलाज के लिए लाखों रुपये चाहिए।
मुस्लिम लड़की के खत पर पसीजा मोदी का दिल, लिखा क्या था?
जूता कारखाने में मजदूरी करने वाले उसके अब्बू अब्दुल मुफलिसी के मारे दाने दाने को मोहताज हैं। उनके दो बेटे, दो बेटियों में तैयबा सबसे बड़ी है। अब्दुल कहते हैं, बच्ची की ख्वाहिश अब पीएम से मिलने की है, उसे मथुरा रैली में लेकर जाऊंगा। उम्मीद नहीं, यकीन है पीएम तैयबा से जरूर मिलेंगे। तैयबा ने एक खत भेजकर पीएम को अपनी बीमारी के बारे में बताया था। वहां से जवाब आया कि ऑपरेशन कराओ, खर्च सरकार देगी।
मुस्लिम लड़की के खत पर पसीजा मोदी का दिल, लिखा क्या था?
तैयबा ने खत में ऐसा क्या लिख दिया कि पढ़ते ही पीएम का दिल पसीज गया? इस सवाल की खोज ऐसे 50 लोगों को तैयबा के घर खींच लाई है, जो उसके पिता की तरह मुसीबत के मारे हैं। अब्दुल ने बताया कि किसी को बेटी की शादी के लिए पैसा चाहिए तो किसी को बर्बाद हुई फसल का मुआवजा। लोग उसके घर आकर तैयबा का लिखा खत देख रहे हैं। उन्होंने पीएम को भेजे खत की एक कॉपी अपने पास रख ली थी।
मुस्लिम लड़की के खत पर पसीजा मोदी का दिल, लिखा क्या था?
तैयबा के पिता कहते हैं कि मोदी की मुस्लिम विरोधी छवि उनके विरोधियों ने बनाई है। मुस्लिमों के लिए जितना मोदी ने किया है, उतना किसी और पीएम ने नहीं किया। वाराणसी में मुस्लिम बुनकरों की मदद की है और सबसे बड़ी मिसाल तो तैयबा के एक खत पर उसके इलाज का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी लेना है। अब्दुल और उनकी पत्नी चांद बी का यह भी कहना है कि गुजरात दंगों में बतौर सीएम मोदी ने कोई गलती नहीं की थी।