ताजमहल का हो रहा इलाज, हो गई है गंभीर बीमारी
प्रेम की निशानी ताजमहल की मुगलकालीन रंगत लौटने लगी है। प्रदूषण के कारण पीले पड़ रहे ताज की संसदीय समिति की सिफारिशों के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने मडपैक थेरेपी शुरू की। (अमित कुलश्रेष्ठ/अमर उजाला, आगरा)
ताजमहल का हो रहा इलाज, हो गई है गंभीर बीमारी
जहां मडपैक लगा, वहां का पीलापन खत्म हो गया। इससे ताज अब आधा पीला और आधा सफेद दिख रहा है। इससे ताज को पीला बताने की आईआईटी-एटलांटा यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट भी पुख्ता हुई जिसे पुरातत्व अधिकारी अब तक झूठलाते रहे हैं।
ताजमहल का हो रहा इलाज, हो गई है गंभीर बीमारी
ताज देखने आ रहे लाखों पर्यटकों की सेल्फी और फोटोग्राफी में यह बदलाव साफ दिख रहा है। एएसआई की रसायन शाखा ने ताजमहल के यमुना किनारे की उत्तर पूर्वी मीनार पर मडपैक का प्रयोग किया।
ताजमहल का हो रहा इलाज, हो गई है गंभीर बीमारी
मीनार पर फुलर अर्थ (मुल्तानी मिट्टी) का लेप किया। तेज हवाओं से लेप सूख न जाए, इसलिए उसे पॉलीथीन से पैक किया गया। 48 घंटे के बाद फुलर अर्थ सूखकर अपने आप गिर जाती। यह मिट्टी संगमरमर की दीवारों पर जमा कार्बन और धूलकणों को सोख रही है।
ताजमहल का हो रहा इलाज, हो गई है गंभीर बीमारी
इसके बाद संगमरमर को डिस्टिल वाटर से नर्म ब्रश से साफ किया। जहां भी मुल्तानी मिट्टी लगाकर सफाई की गई, वहां संगमरमर अपने मूल रंग में नजर आने लगा है। बाकी जगहों पर पीलापन दिखा। एएसआई अधिकारियों के मुताबिक मडपैक पहले चारों मीनारों पर किया जाएगा। उसके बाद पीलेपन वाले हिस्सों खासकर मुख्य गुंबद और आर्च पर होगा।