पीके के विरोधियों के पास है इन 9 सवालों का जवाब
पीके का कई शहरों में विरोध हो रहा है। विरोधियों का दावा है कि फिल्म उनकी भावनाएं आहत कर रही है। हालांकि फिल्म 200 करोड़ से अधिक कमा चुकी है। ऐसे में क्या माना जाए विरोध कर रहे लोग वाकई में धर्म परायण हैं? या फिल्म से जिनकी दुकानदारी बंद हो जाने का खतरा, ये जमात उसी की प्रतिनिधि तो नहीं?
पीके के विरोधियों के पास है इन 9 सवालों का जवाब
फिल्म के कई दृश्यों में धार्मिक प्रपंचों और धर्म के ठेकेदारों की पोल खोली गई है। मसलन एक दृश्य में दिखाया गया है कि मंदिर के बाहर एक दुकानदार 200 रुपए में पीके को पूजा सामग्री बेचता है। मंदिरों के बाहर ये ठगी आम बात है, फिल्म का विरोध कर रहे संगठन इससे इनकार करेंगे? क्या उन्होंने इसे रोकने की कोशिश कभी की?
पीके के विरोधियों के पास है इन 9 सवालों का जवाब
धार्मिक स्थलों पर आदमी श्रद्धा भाव से जाता लेकिन लौटते हुए किसी और की चप्पल उठा लाता है। पीके भी इस ठगी का शिकार होता है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों के बाहर चप्पलों की चोरी रोकने की कोशिश किसी संगठन ने की?
पीके के विरोधियों के पास है इन 9 सवालों का जवाब
फिल्म में दिखाया गया है कि तपस्वी महाराज पीके के रिमोट को शिव के डमरू का मनका बताते हैं, जो सरासर झूठ है। क्या कई ऐसे संत नहीं हैं जो ईश्वर के साक्षात्कार का दावा करते हैं। धर्म संगठनों ने कभी ऐसे संतों की पोल खोलने की कोशिश की?
पीके के विरोधियों के पास है इन 9 सवालों का जवाब
फिल्म में तपस्वी महाराज से एक भक्त अपनी बीवी की बीमारी को ठीक करने का उपाय पूछता है तो वह उसे नेपाल और चीन की सीमा पर बने मंदिर का दर्शन करने की सलाह देते हैं। क्या मंदिर का दर्शन करने से बीमारी ठीक हो सकती है? अगर नहीं तो ऐसी सलाहें संत-महंत क्यों देते हैं?