फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

खत्म हुआ खट्टा का खौफ, जानिए कितना खतरनाक था खट्टा

Sat, 06 Jun 2015 06:21 PM IST
Updated Sat, 06 Jun 2015 06:21 PM IST
विज्ञापन

खत्म हुआ खट्टा का खौफ, जानिए कितना खतरनाक था खट्टा

pictures of rahul khatta encounter

राहुल खट्टा और उसके साथी बिन्ते का एनकाउंटर होने से मेरठ से भी इस गिरोह के खौफ और आतंक का सफाया हो गया। राहुल खट्टा गैंग ने मेरठ जिले में कई सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया, जिसके चलते यहां की पुलिस की नींद भी उड़ी रहती थी। वारदात चाहे मुजफ्फरनगर, सहारनपुर या बागपत में हो, लेकिन गैंग मेरठ की तरफ भागता था तो चेकिंग यहां जरूर होती थी। (सभी फोटो: अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ)

Trending Videos

खत्म हुआ खट्टा का खौफ, जानिए कितना खतरनाक था खट्टा

pictures of rahul khatta encounter

पुलिस को पता था कि राहुल खट्टा के पास कारबाइन, एसएलआर और पिस्टल रहती हैं। सरधना क्षेत्र के गांव में खट्टा की मौजूदगी का पता चला था। तब राहुल खट्टा की गिरफ्तारी के ऑपरेशन में लगे पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों से पूछा था कि क्या मुठभेड़ कर ली जाए, तो उन्हें जवाब दिया गया कि पुलिसवाले कम हो, तो लौट जाओ क्योंकि राहुल खट्टा और उसके साथी अत्याधुनिक असलहों से लैस रहते हैं, यदि गोलियां चल गई तो पुलिसकर्मियों की जान खतरे में पड़ जाएगी।

खत्म हुआ खट्टा का खौफ, जानिए कितना खतरनाक था खट्टा

pictures of rahul khatta encounter

बागपत और मुजफ्फरनगर जिले की सीमा मेरठ से जुड़ती है। राहुल खट्टा के ठिकाने भी इन तीनों जिलों में बने हुए थे। लिहाजा जब भी राहुल खट्टा गैंग अपना ठिकाना बदलकर दूसरे स्थान की तरफ चलता, तो पुलिस को भनक लगती थी। कभी आई-10 तो कभी फॉरच्यूनर और अन्य लग्जरी गाड़ियों के बारे में सूचना आती तो पुलिस की चिंता बढ़ जाती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

खत्म हुआ खट्टा का खौफ, जानिए कितना खतरनाक था खट्टा

pictures of rahul khatta encounter
वेस्ट यूपी में बड़ी वारदात में खट्टा गैंग का नाम पुलिस महकमे में सबसे पहले आता था। उसकी सटीक लोकेशन सरधना इलाके में लगातार मिलती थी। इसके बावजूद पुलिस और एसटीएफ उसको पकड़ने में नाकाम हो रही थी।
विज्ञापन

खत्म हुआ खट्टा का खौफ, जानिए कितना खतरनाक था खट्टा

pictures of rahul khatta encounter

कारबाइन, .30 और .32 बोर की पिस्टलें, मुजफ्फरनगर से लूटी गई दो एसएलआर के अलावा इस गैंग के पास एके 47 रहने की आशंका थी। इसके चलते राहुल खट्टा की घेराबंदी में पुलिस खुद को असुरक्षित महसूस करती थी। राहुल खट्टा की लोकेशन मिलने पर कभी भी पुलिस ने एकाएक से मुकाबला करने का प्रयास नहीं किया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed