ताजमहल से क्यों टूटकर गिरा कलश, जानिए छुपी हुई सच्चाई
आगरा में मुगलिया दौर के स्मारक सही संरक्षण न होने से अब गिरने की कगार पर आ गए हैं। ताजमहल पर सरहिंदी बेगम मकबरे का छज्जा गिरे अभी महीना भर नहीं हुआ कि अब ऐसा ही एक और मामला सामने आ गया। (सभी फोटो और रिपोर्ट: अमर उजाला ब्यूरो, आगरा)
ताजमहल से क्यों टूटकर गिरा कलश, जानिए छुपी हुई सच्चाई
ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित एएसआई हार्टिकल्चर आफिस परिसर में संदली मस्जिद की एक मीनार दोपहर में गिर पड़ी। इस मस्जिद में काली बिल्लियां काफी तादाद में हैं। माना जा रहा है कि बिल्लियों के खेलकूद में यह जर्जर हो चुकी मीनार नीचे गिर गई। ताजमहल के लेबर गेट के सामने मौजूद इस मस्जिद को देखने भी काफी सैलानी पहुंचते हैं।
ताजमहल से क्यों टूटकर गिरा कलश, जानिए छुपी हुई सच्चाई
इसके अलावा ताजमहल के पूर्वी गेट पर स्थित संदली मस्जिद में मीनार पर लगा कलश भी गिर पड़ा। एएसआई द्वारा स्मारकों के संरक्षण पर इससे पहले तब भी सवाल उठे थे, जब पूर्वी गेट पर ही सरहिंदी बेगम मकबरे का छज्जा गिर गया था।
ताजमहल से क्यों टूटकर गिरा कलश, जानिए छुपी हुई सच्चाई
ताजमहल के तहखानों में कई रहस्य दफन हैं, लेकिन इन रहस्यों और इतिहास पर कोई और नहीं बल्कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) ही पर्दा डालने में जुटा है।
ताजमहल से क्यों टूटकर गिरा कलश, जानिए छुपी हुई सच्चाई
जिन दरवाजों से मुगल शहंशाह किले से ताजमहल पहुंचते थे, उन्हीं दरवाजों को ईंटों से बंद कर दिया गया है। 1980 के दशक तक यहां लकड़ी का दरवाजा था। यह गेट 8 फीट ऊंचा है, लेकिन अब यह दो फीट तक रह गया है। यमुना से 18 फीट तक सिल्ट यहां जमा हो चुकी है।