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'गर्मी से बेहाल' हुए जगन्नाथ, 108 घड़ों के जल से हुआ स्नान

Wed, 03 Jun 2015 06:18 PM IST
Updated Wed, 03 Jun 2015 06:18 PM IST
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'गर्मी से बेहाल' हुए जगन्नाथ, 108 घड़ों के जल से हुआ स्नान

lord jagannath yatra in vrindavan and mathura

वृंदावन में परिक्रमा मार्ग स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रभु को ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए मंगलवार को एकादश फल और 108 घड़ों के जल से स्नान कराया गया। (सभी फोटो: अमर उजाला ब्यूरो, वृंदावन, मथुरा, वाराणसी)

'गर्मी से बेहाल' हुए जगन्नाथ, 108 घड़ों के जल से हुआ स्नान

lord jagannath yatra in vrindavan and mathura

मंदिर सेवायत स्वामी ज्ञानप्रकाश महाराज ने बताया कि जेठ की भीषण तपिश झेलने के कारण भगवान को ठंडक प्रदान करने के लिए ज्येष्ठ पूर्णिमा को जलयात्रा सेवा का आयोजन होता है। इसमें विधिविधान से भगवान जगन्नाथ को सहस्र धारा स्नान कराया जाता है। जिससे प्रभु को गर्मी से राहत मिल सके।

'गर्मी से बेहाल' हुए जगन्नाथ, 108 घड़ों के जल से हुआ स्नान

lord jagannath yatra in vrindavan and mathura

मान्यता है कि स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को बुखार चढ़ जाता है और प्रभु अस्वस्थ हो जाते हैं। ज्ञानप्रकाश महाराज ने बताया कि भगवान को स्वस्थ करने के लिए परंपरानुसार उनका जड़ी-बूटी, औषधि और गर्म पदार्थों के सेवन आदि से इलाज किया जाता है। तब कहीं जाकर भगवान 15 दिन पश्चात भक्तों को दर्शन देते हैं। इस वर्ष पुरुषोत्तम मास पड़ने के कारण भगवान जगन्नाथ 45 दिन बाद आगामी 18 जुलाई को दर्शन देंगे।

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'गर्मी से बेहाल' हुए जगन्नाथ, 108 घड़ों के जल से हुआ स्नान

lord jagannath yatra in vrindavan and mathura

पूर्णिमा के अवसर पर मंगलवार को शाह बिहारी मंदिर में सायंकाल हुए जल उत्सव में ठाकुर राधा रमणलालजू (श्रीजी) ने जलविहार किया। इस मौके पर भव्य जलमहल सजाया गया। मंदिर प्रांगण में ठाकुरजी की झांकी के दर्शनों को श्रद्धालुओं में भारी भीड़ रही। ठाकुरजी को शीतलजल पेय और फलों का विशेष भोग भी लगाया गया।

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lord jagannath yatra in vrindavan and mathura

जलविहार उत्सव की शृंखला में शाह विहारी मंदिर के बगीचे में फव्वारे चलाए गए और विभिन्न प्रकार के फूलों से भव्य बंगला सजाया गया। जिस सिंहासन पर ठाकुरजी बिराजे हुए थे उसके नीचे जल झालर बह रही थी। ठाकुरजी जलविहार निकुंज में जलयात्रा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं में होड़ देखी गई। प्रशांत शाह ने बताया कि यह आयोजन हर वर्ष ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर आयोजित होता है।

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