पैगंबर के अपमान पर फूटा मुस्लिमों का गुस्सा, देखिए तस्वीरें
मौलाना मुफ्ती अबुल हसन अरशद कांधलवी ने कहा कि पैगंबरों, अवतारों और धर्म गुरुओं की शान में गुस्ताखी करने वालों को फांसी का कानून बनना चाहिए। ऐसे लोगों की नागरिकता भी समाप्त होनी चाहिए। मुल्क में अमन के लिए हमें भाईचारे के साथ रहना है। इस्लामिया इंटर कॉलेज में फलाहे इंसानियत वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद की निंदा करते हैं।
सभी फोटो-ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फनगर,संभल।
पैगंबर के अपमान पर फूटा मुस्लिमों का गुस्सा, देखिए तस्वीरें
आतंकवाद के नाम पर दुनियाभर में मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहे हैं। इस्लाम को बदनाम करने और मिटाने की कोशिशें हो रही हैं। अमेरिका, इजराइल और रूस मुस्लिमों का खात्मा करने में लगे हैं। सीरिया में बेगुनाहों को मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पैगंबर की शान में गुस्ताखी करने वाले को बख्शा न जाए। हिंदुस्तान में ऐसा कानून बनाया जाए कि कोई भी व्यक्ति किसी भी मजहब के पैगंबर, अवतार और धर्मगुरुओं पर कीचड़ न उछाल सके। ऐसे लोगों की हुकूमतें हिंद नागरिकता भी खत्म करे।
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मेरठ से आए मुफ्ती खुर्शीद साहब ने कहा कि कहीं मुसलमानों को आतंकवाद के नाम पर झूठा फंसाया जा रहा है, तो कहीं निर्दोष मुस्लिमों पर बमबारी की जा रही है। हम इसकी निंदा करते हैं। मौलाना अबुल समंद ने कहा कि इस्लाम और आतंकवाद का कोई वास्ता नहीं है। इस्लाम शांति और भाईचारे का पैगाम देने वाला मजहब है। अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि मुसलमान देश में अमनचैन चाहता है। सीएम ने आश्वासन दिया है कि तिवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हम सभी को मिलकर सद्भाव का परिचय देना चाहिए। मौलाना शौकत, मौलाना शमीम, मुफ्ती शाह आलम, मौलाना मोनिस, मौलाना शाह आलम ने भी संबोधित किया। संचालन कारी खालिद और शमशाद ने किया।
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कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन के लिए दुआ कराई गई। सोसायटी के महासचिव आदिल जिलानी ने ज्ञापन पढ़कर सुनाया। राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। फलाहे इंसानियत वेलफेयर सोसायटी के कार्यकर्ता व्यवस्था को बनाने में लगे रहे। मीनाक्षी चौक से लेकर इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान तक कार्यकर्ताओं ने स्वयं कमान संभाले रखी।
पैगंबर के अपमान पर फूटा मुस्लिमों का गुस्सा, देखिए तस्वीरें
भीड़ से जहां अफसरों के हाथ-पांव फूले हुए थे, वहीं इन कार्यकर्ताओं ने हिम्मत से काम लिया। मुजस्सिम एडवोकेट, एहसान, इकराम, दिलशाद कुरैशी, आफताब कुरैशी, सुल्तान चौधरी, सरताज कुरैशी, फैसल, नदीम, अब्दुल्ला, हैप्पी, अब्दुल गफ्फार, मतलूब, अरशद, दिलशाद पहलवान, नूरइलाही, इसराइल का सहयोग रहा। पैगंबर ए इस्लाम की शान में गुस्ताखी के विरोध में शहर में आई 30 हजार की भीड़ ने अमन-चैन की सांसें फुलाए रखीं।