इंदिरा से अटल तक, पुराना है 'जंतरमंतर' का चक्कर, तस्वीरें
अपनी इसी तस्वीर के हवाले से प्रसिद्घ ज्योतिषाचार्य बेजान दारूवाला ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपना हाथ दिखाया था। मोदी इन दिनों बिहार विधानसभा चुनावों में नीतीश पर एक तांत्रिक से संपर्क के चलते तगड़ा हमला कर रहे हैं। इस तस्वीर के बाद वे खुद कठघरे में हैं, हालांकि बीजेपी इसे खारिज कर रही है और उसने कहा है कि दारूवाला ने पीएम मोदी का हाथ खुद खींच लिया था।
इंदिरा से अटल तक, पुराना है 'जंतरमंतर' का चक्कर, तस्वीरें
और यही वो तस्वीर है जिसने बिहार चुनाव में नेताओं के बाद बाबाओं की इंट्री भी करा दी। इस तस्वीर से संबंधित वीडियो भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने अपने ट्वीट किया था। इसमें तांत्रिक बाबा नीतीश से लालू मुर्दाबाद कहलवा रहे थे। तीसरे चरण का मतदान होने से पहले शुरु हुआ हंगामा अब तक चल रहा है। लेकिन मोदी, नीतीश ही ऐसे पहले नेता नहीं हैं जिनके तांत्रिक और बाबा के पास जाने की खबरें आई हैं। आगे स्लाइड्स में आपको दिखाते हैं कि और कौन-कौन से नेता जिन्होंने बाबाओं और तांत्रिकों में अपनी असीम आस्था दिखाई है।
इंदिरा से अटल तक, पुराना है 'जंतरमंतर' का चक्कर, तस्वीरें
इंदिरा गांधी देवरहा बाबा की अनन्य भक्त थीं। इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में वे हार गईं, जिसके बाद वो देवरहा बाबा के दर्शन करने गईं। बाबा ने इंदिरा को हाथ के पंजों से आशीर्वाद दिया, जिसके बाद 1980 में हुए चुनावों में उनकी प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी हुई। उन चुनावों में कांग्रेस का चुनाव चिन्ह हाथ का पंजा ही था।
इंदिरा से अटल तक, पुराना है 'जंतरमंतर' का चक्कर, तस्वीरें
इंदिरा गांधी आध्यात्मिक गुरु धीरेंद्र ब्रम्हचारी के संपर्क में भी रही हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि इंदिरा के शासनकाल में धीरेंद्र राजनीतिक मामलों में भी हस्तक्षेप करते थे।
इंदिरा से अटल तक, पुराना है 'जंतरमंतर' का चक्कर, तस्वीरें
तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी नरसिंहा राव भी बाबा लोगों के करीब थे। पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी नरसिंहा राव के बेहद करीबी थे। उनके संबंधों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब राव पीएम थे तो चंद्रास्वामी बिना एप्वाइंटमेंट ही राव से मिलते थे।