हम भी दौड़ेंगे बुलेट की स्पीड से, जल्द पूरी होगी उम्मीद
भारत में बुलेट ट्रेन का सपना एक कदम और आगे बढ़ता दिख रहा है। एक लाख करोड़ के इस प्रोजक्ट के लिए जापान ने आसान शर्तों पर 90 हजार करोड़ का ऋण देने की घोषणा कर दी है। जिसके बाद भारत में भी जल्द बुलेट ट्रेन दौड़ती दिखेगी। लेकिन क्या आप जानते हैं दुनिया की उन ट्रेनों के बारे में जिनकी रफ्तार धड़कनों को भी थाम देती है। नहीं तो, आइए हम आपको बताते हैं दुनिया की सबसे तेज रफ्तार ट्रेनों के बारे में।
हम भी दौड़ेंगे बुलेट की स्पीड से, जल्द पूरी होगी उम्मीद
हालांकि वर्तमान में दुनिया के कई देशों में बुलेट ट्रेन जैसी तेज रफ्तार ट्रेन दौड़ रही हैं। जिनमें अमेरिका, चाइना, फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, रूस, दक्षिण कोरिया, स्पेन, इंग्लैंड, आस्ट्रिया, बेल्जियम, पुर्तगाल और स्वीड़न प्रमुख हैं। हालांकि बुलेट ट्रेन की तकनीक के मामले में चीन सबसे आगे निकलता दिख रहा है। चीन की शंघाई मैग्लेव अधिकतम 430 स्पीड के साथ शंघाई से बीजिंग के बीच का सफर तय करती है।
हम भी दौड़ेंगे बुलेट की स्पीड से, जल्द पूरी होगी उम्मीद
वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन का तमगा मिला है जापान की मैग्लेव को। कुछ दिन पहले हुई टेस्ट रन के दौरान मैग्लेव 600 किमी से ज्यादा की रफ्तार पर करीब 11 सेकंड तक रही। हालांकि इसकी औसत रफ्तार 400 किमी प्रति घंटा है। बता दें कि दुनिया को बुलेट ट्रेन से रूबरू कराने वाला देश भी जापान ही था। जिसने 1964 में शिनकनसेन नाम की बुलेट ट्रेन को 400 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर दुनियाभर को चौंका दिया था।
हम भी दौड़ेंगे बुलेट की स्पीड से, जल्द पूरी होगी उम्मीद
चीनी की ही Harmony CRH 380A की गिनती भी दुनिया की फास्टेस्ट ट्रेन में होती है। इसकी अधिकतम स्पीड़ 380 किमी प्रति घंटे तक है। वैसे यह अधिकतम 486 किमी तक की रफ्तार पकड़ चुकी है। इसका परिचालन 2010 से शुरू हुआ। यह भी बिजिंग से शंघाई तक का सफर तय करती है।
हम भी दौड़ेंगे बुलेट की स्पीड से, जल्द पूरी होगी उम्मीद
इटली की AGV Italo को भी तेज रफ्तार ट्रेनों में गिना जाता है। साल 2012 में इस ट्रेन ने पहली बार परिचालन शुरू किया। 360 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ने वाली AGV इटली से जर्मनी के मिलान तक की दूरी तय करती है। इस ट्रेन को दुनिया की सबसे ज्यादा इको और इकॉनामिक फ्रेंडली ट्रेन माना जाता है।