बार, डिस्कोथेक चलाने वाला बन गया अब महामंडलेश्वर
इलाहाबाद पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में शुक्रवार को जिस महापुरुष सच्चिदानंद गिरि को महामंडलेश्वर बनाया गया उसे हाई प्रोफाइल लोग सचिन दत्ता के नाम से जानते हैं। किसी ने शायद यह सपने में भी नहीं सोचा होगा कभी शराब माफिया पोंटी चड्ढा के साथ शराब का कारोबार करने वाले सचिन को लोग महामंडलेश्वर के रूप में पूजेंगे।
बार, डिस्कोथेक चलाने वाला बन गया अब महामंडलेश्वर
इतना ही नहीं उसके संबंध कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव से लेकर कई बड़े नेता व आला अधिकारियों से भी हैं। खास बात यह है कि नोएडा की सबसे पॉश मार्केट सेक्टर-18 में मशहूर मॉल सीएसएम (सेंटर स्टेज मॉल) की पांचवीं मंजिल पर कई वर्षों तक सचिन क्वांटम नामक बार एंड डिस्कोथेक चलाता रहा। जिसमें कई बड़े व हाई प्रोफाइल लोगों का हमेशा आना-जाना रहता था।
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यहीं पर लोगों को सचिन ओबलाइज करता और साथ ही बाला जी रीयल स्टेट के धंधे में उनकी मदद लेता। सचिन बाला जी रीयल स्टेट का भी मालिक रहा है। अब उसने अपने सारे धंधों को परिवार के सदस्यों की तरफ डायवर्ट कर दिया है। इतना ही नहीं उसका विवादों से भी गहरा और पुराना नाता रहा है।
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अगस्त 2014 की शाम अचानक नोएडा पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि बिसरख थाना अंतर्गत शाहबेरी पुलिया के पास कुछ हथियारबंद लोगों ने सचिन पर गोलियां बरसा दीं। एक गोली उसके हाथ में भी लग गई। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि मामला फर्जी था और सचिन ने गनर लेने के लिए सारा ड्रामा रचा था।
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सचिन के पिता राजेंद्र कुमार दत्ता बिजली विभाग के रिटायर्ड एसडीओ रहे हैं। रिटायरमेंट के बाद राजेंद्र कुमार बेटे सचिन के कारोबार में उसकी मदद करने लगे थे।