पैगंबर पर 'सबसे महंगी' फिल्म रिलीज, चेहरे पर छिड़ा घमासान
मुंबई के सुन्नी मुस्लिम समुदाय की राजा एकेडमी ने इरानी फिल्मकार माजिद मजीदी और संगीतकार भारतीय संगीतकार एआर रहमान को फतवा जारी कर पैंगबर मोहम्मद साहब पर बनी अब तक की सबसे बड़ी फिल्म पर कड़ा विरोध जताया था।
पैगंबर पर 'सबसे महंगी' फिल्म रिलीज, चेहरे पर छिड़ा घमासान
इस पर एआर रहमान ने कहा है कि मैं इस्लाम का विद्वान नहीं हूं। मैंने तो बस इस्लाम से प्रेम की वजह से उस फिल्म में संगीत दिया था। इस मामले में मुझे घसीटने का फतवा जारी करने का कोई मतलब नहीं है। इससे पहले उन्होंने इस महीने दिल्ली में होने वाला अपना शो भी निरस्त कर दिया था।
पैगंबर पर 'सबसे महंगी' फिल्म रिलीज, चेहरे पर छिड़ा घमासान
लेकिन मुंबई सुन्नी समुदाय की रजा एकेडमी यह मानने को तैयार नहीं है। रजा एकेडमी ने पिछले सप्ताह मामले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस से भी मुलाकात की और अपना विरोध दर्ज कराया।
पैगंबर पर 'सबसे महंगी' फिल्म रिलीज, चेहरे पर छिड़ा घमासान
इसी बीच विश्व हिन्दू परिषद ने अपनी तरफ से अपील जारी कर दी है। एआर रहमान को घर वापसी कर लेनी चाहिए। गौरतलब है कि साल 1984 अपनी बहन की तबीयत खराब होने के दौरान रहमान मुलाकात कादरी इस्लाम
से हुई। उसके बाद बहन का ठीक होना और जुड़ाव इस कदर बढ़ा कि वर्ष 1989 में उनके परिवार ने
इस्लाम धर्म अपना लिया।
पैगंबर पर 'सबसे महंगी' फिल्म रिलीज, चेहरे पर छिड़ा घमासान
बवाल मचने वाली फिल्म का नाम है 'पैंगबरः द मैसेंजर ऑफ गॉड'। माजिद मजीदी की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म बीते दिनों देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी। इसे ईरान की अब तक की सबसे महंगी फिल्म बताया गया था। इसे बनाने में उन्होंने पांच साल लगे। इसमें पैंगबर मोहम्मद साहब के चेहरा दिखाने को लेकर सबसे बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है।