FTII के चेयरमैन 'युधिष्ठिर' फिल्मों में 'जंगल' से नहीं निकल पाए, देखें
भारी विरोध के बीच बीते सप्ताह अभिनेता गजेंद्र चौहान को भारतीय जनता पार्टी सरकार ने भारत के प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट का चेयरमैन बना दिया। बीते सप्ताह जब वे पद संभालने पहुंचे तब भी छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। वहां, पुलिस को बलप्रयोग भी करना पड़ा।
FTII के चेयरमैन 'युधिष्ठिर' फिल्मों में 'जंगल' से नहीं निकल पाए, देखें
छात्रों का आरोप है कि गजेंद्र चौहान एक सी ग्रेड एक्टर हैं और उन्हें फिल्मों के ग्लोबल परिदृश्य की जानकारी नहीं है। फिल्म जगत के भी कई हस्तियों ने इस बात को स्वीकार कि गजेंद्र चौहान उस पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं। क्या इसके पीछे गजेंद्र की ये सीग्रेड फिल्में हैं?
FTII के चेयरमैन 'युधिष्ठिर' फिल्मों में 'जंगल' से नहीं निकल पाए, देखें
गजेंद्र चौहान ने 1985 में टीवी धारावाहिक सरकारः रिश्तों की अनकही कहानी से अभिनय कैरियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्हें एक सीग्रेड फिल्म में देखा गया। 1986 में उनकी फिल्म आई 'जंगल लव'।
FTII के चेयरमैन 'युधिष्ठिर' फिल्मों में 'जंगल' से नहीं निकल पाए, देखें
लेकिन दो साल बीते ही थे कि उन्हें भारत के बेहद लोकप्रिय धारावाहिक 'महाभारत' युधिष्ठिर का दमदार किरदार मिला। जिसे उन्होंने बड़े मन से निभाया। लेकिन उससे मिली लोकप्रियता को भुना नहीं पाए। इसके पीछे उनकी आगे चुनी गई ये फिल्में कारण हो सकती हैं। 1989 में उन्होंने फिर से सीग्रेड फिल्म 'खुली खिड़की' में काम किया।
FTII के चेयरमैन 'युधिष्ठिर' फिल्मों में 'जंगल' से नहीं निकल पाए, देखें
इस फिल्म में उन्हें यह कहते सुना गया, 'मोहब्बत की जो चिंगारी तुमने मेरे दिल में जलाई थी, वो अब हवस की आग बन चुकी है।' लोगों को यूधिष्ठिर का किरदार निभा चुके शख्स को इस किरदार में देखना अच्छा नहीं लगा। फिल्म को पूरी तरह से नकार दिया।