दस ऐसे मौके जब ऑस्कर अवॉर्ड को कहा गया 'धोखा'
28 फरवरी को 88वें ऑस्कर अवार्ड दिए जाएंगे। इस अवार्ड को पाना फिल्मी दुनिया से जुड़े हर कलाकार का सपना होता है। ऑस्कर अवार्ड 1929 में शुरू हुए। इन अवार्ड्स के दौरान कई बार ऐसे मौके आए जब किसी कलाकार का नाम अवार्ड में ना होना या किसी का होना सबको चौंका गया। हम आपको बता रहे हैं 10 ऐसे मौके जब ऑस्कर के चुनाव ने सबको चौंका दिया।
दस ऐसे मौके जब ऑस्कर अवॉर्ड को कहा गया 'धोखा'
1939 में कलार्क गेबल को 'गोन विद द वाइंड' और जिमी स्टेवर्ट को 'मि. स्मिथ गोज टू' की भूमिका के लिए तमाम फिल्मों के जानने वाले तय माने बैठे थे। इस साल 'गुडबाय मि. चिप्स' के लिए रोबर्ट जोनेट को बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला। इस फैसले ने उस वक्त के फिल्म के जानने वालों को चौंका दिया था। 1940 में जिमी स्टेवर्ट के एक कमजोर रोल के लिए अवार्ड मिला जिसे गुजरे साल की गलती को ढकने की एक कोशिश मानी गई।
दस ऐसे मौके जब ऑस्कर अवॉर्ड को कहा गया 'धोखा'
1941 में आई सिटिजन केन को फिल्म इतिहास की शानदार फिल्म माना जाता है। इस फिल्म को कई सर्वक्षणों में हॉलीवुड की सबसे संवेदनशील फिल्मों में से एक माना गया है। हर कोई मान रहा था कि इस फिल्म को कई ऑस्कर मिलेंगे लेकिन फिल्म को सिर्फ स्क्रीनप्ले के लिए अवार्ड मिला। इसको ऑस्कर के इतिहास का बड़ी असफलता माना जाता है।
दस ऐसे मौके जब ऑस्कर अवॉर्ड को कहा गया 'धोखा'
ग्रेस कैली को 1953 की फिल्म 'ए स्टार इज बोर्न' के लिए 1954 के ऑस्कर के लिए सबसे अहम नाम थीं। जिस समय अवार्ड की घोषणा होनी थी वो बच्चे को जन्म देने के लिए अस्पताल में थे। कई अखबारों के रिपोर्टर उनके कमरे के बाहर बैठे थे ताकि ऑस्कर की घोषणा के बाद उनका साक्षात्कार हो सके। उनका नाम बेस्ट एक्ट्रेस के लिए घोषित ना होने पर इसको 'डकैती' तक कहा गया।
दस ऐसे मौके जब ऑस्कर अवॉर्ड को कहा गया 'धोखा'
कोपोला को 1973 की उनकी फिल्म 'द गॉडफादर' के लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड तय माना जा रहा था। फिल्म की कमाई और समीक्षकों से मिली प्रतिक्रिया से कोपोला का पक्ष मजबूत था लेकिन अवार्ड उनको नहीं मिला।