नौ ऐसे गैजेट्स जिनके बिना जीवन नहीं चलेगा
अगर आपका मन ऑफ़िस में कामकाज की जगह वर्क स्टेशन और उसके आसपास बदलाव करने का हो रहा है तो ऐसा सोचने वाले आप अकेले नहीं। वर्क स्टेशन मन मुताबिक़ होने से आप संतुष्ट होकर बेहतर ढंग से काम कर पाते हैं।
2010 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ एक्सेटर के दो पेशेवर मनोचिकित्सकों ने पाया कि जिन कर्मचारियों को अपना दफ्तर मन मुताबिक़ सजाने की छूट दी गई, उनका कामकाज बेहतर हो गया। यही वजह है कि दुनिया भर में कामकाजी जगहों पर इन ख़ास उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
नौ ऐसे गैजेट्स जिनके बिना जीवन नहीं चलेगा
डेस्क साइकिल: आपको यह डेस्क साइकिल नज़र आ रही है यानी कामकाजी डेस्क के साथ साइकिल की सुविधा। ऑफिस से बिना बाहर निकले आप इसकी मदद से खुद को एक्टिव रख सकते हैं। इसके इस्तेमाल से डायबिटीज़ और हृदय संबंधी रोग होने का ख़तरा कम होता है। कामकाज के दौरान एक घंटे के इस्तेमाल से आप कई रोगों से खुद को बचा सकते हैं।
नौ ऐसे गैजेट्स जिनके बिना जीवन नहीं चलेगा
डिज़ाइनर वॉल कैलेंडर: यह ख़ास कैलेंडर है, जिसे आप आर्ट भी कह सकते हैं और कलैंडर भी। आप इसे कुल 40 हजार अंदाज़ में देख सकते हैं। रंगीन और ज्यामितीय अंदाज वाले इस कैलेंडर की शुरुआत तेल अवीव के आर्टिस्ट डेन रिसिंजर ने की थी। 1987 में शुरू हुए इस कैलेंडर का अब लाखों लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।
नौ ऐसे गैजेट्स जिनके बिना जीवन नहीं चलेगा
पॉकेट प्रोजेक्टर: अगर आप कोई महंगा टेक खिलौना खरीदना चाहते हैं तो ब्रूकस्टोन का पॉकेट प्रोजेक्टर आपके लिए है। इसे आप अपने कंप्यूटर, स्मार्टफ़ोन और टैब से यूएसबी के ज़रिए जोड़ सकते हैं और साफ़ तस्वीर दीवार पर डाल सकते हैं। चाहे ऑफ़िस प्रेज़ेंटेशन हो या फ़ेवरेट शो देखना। आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
नौ ऐसे गैजेट्स जिनके बिना जीवन नहीं चलेगा
ऑस्ट्रिच पिलो: ये एक ख़ास तरह का तकिया है, जिसका इस्तेमाल आप दफ्तर में झपकी लेने के लिए कर सकते हैं। स्टूडियो बनाना थिंग्स का ये तकिया देखने में भले अजीब हो, पर बेहद आरामदेह है। इसके इस्तेमाल से आपको कानों तक न तो कोई आवाज़ पहुंचती है और न रोशनी।