वाराणसी में बाढ़ के पानी में रह रहे लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। अब तक इन लोगों का हालचाल पूछने कोई नहीं आया। रोहितनगर कालोनी का भी यही हाल है। यहां बाढ़ के पानी में रह रहे लोग पीने के पानी के लिऐ गुहार लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से तीन दिन से किसी ने हमारी सुध नहीं ली। जब लोगों ने क्षेत्रिय पार्षद के पति को फोन किया तो उनका कहना है कि कोई गाड़ी लेकर चलिये तब नाव मिलेगी। इस बात को लेकर लोगों में काफी रोष है।
वाराणसी में बाढ़ से जनजीवन बेहाल, जिंदगी के लिए लोग कर रहे हैं संघर्ष
वहीं दुसरी तरफ बाढ़ के पानी के वजह से लोग छतों पर बैठ कर रात दिन गुजार रहे हैं। रविन्द्रपुरी में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल चौराहे पर पानी भी भर गया। राहत शिविरों में भी जगह के लिऐ लोग परेशान हैं। हर तरफ जीवन बचाने के लिऐ लोग गुहार लगा रहे है। सामनेघाट क्षेत्र में लोग पुरी मुस्तैदी के साथ छतों पर त्रिपाल के नीचे रह रहे हैं।
वाराणसी में बाढ़ से जनजीवन बेहाल, जिंदगी के लिए लोग कर रहे हैं संघर्ष
बिजली नहीं आने के कारण भी कई क्षेत्रों में लोगों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामनेघाट इलाके में बिजली आ रही है जिसकी वजह से यहां के लोगों को थोड़ा सुकून है। बोरिंग से गंदा पानी आने की वजह से लोगों को बीमारी होने का खतरा है। आटा चालव दाल अन्य जरूरी खाद्य चीजें तो लोगों ने स्टाक कर ली हैं। लेकिन सबसे जरूरी पीने के पानी की किल्लत हो रही है।
वाराणसी में बाढ़ से जनजीवन बेहाल, जिंदगी के लिए लोग कर रहे हैं संघर्ष
महेश नगर के रहने वाले राजन सिंह का कहना है कि प्रशासन कि तरफ से पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने से स्थिति बदतर है। सड़कें भी पैदल चलने लायक नहीं हैं। हमेशा इस बात का डर रहता है कि कहीं सीवर न खुला हो। वहीं सरकारी नौकरी करने वाले कमर भर पानीं होकर ऑफिस जाने को मजबुर हैं। एनडीआरएफ और लोग बचाव कार्य में तेजी से लगे हैं।
वाराणसी में बाढ़ से जनजीवन बेहाल, जिंदगी के लिए लोग कर रहे हैं संघर्ष
नंगवा बस्ती में भी बाढ़ का पानी भर गया है। यहां रहने वाले लाला दास कन्नौजिया, अजय लक्ष्मण और राजेश का कहना है कि हम लोगों को डर है कहीं हमारा पुराना मकान गिर ना जाए।