{"_id":"5d7a473d8ebc3e0149508f39","slug":"yogasanas-for-asthma-patients","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अस्थमा रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं ये तीन योगासन","category":{"title":"Yoga and Health","title_hn":"योग","slug":"yoga-and-health"}}
अस्थमा रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं ये तीन योगासन
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Sat, 26 Oct 2019 09:45 AM IST
विज्ञापन
1 of 4
yoga
- फोटो : pixa
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
दुनिया में स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं होता और शरीर अगर स्वस्थ हो तो सब कुछ अच्छा लगता है। लेकिन कोई न कोई बीमारी से लगभग सभी इंसान परेशान रहता है। अस्थमा इन्हीं बीमारियों में से एक है। इस बीमारी में गला व छाती काफी प्रभावित हो जाता है। अस्थमा में फेफड़ो को सही मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाता है और सांस लेने में तकलीफ बढ़ जाती है। लेकिन इस बीमारी में कुछ योगासन आपको आराम दे सकते हैं। इमके अभ्यास से आप बेहतर महसूस करेंगे। आइए जानते हैं इन योगासन के बारे में...
2 of 4
योग
- फोटो : pixabay
सुखआसन
समतल जगह पर आप चटाई बिछाकर आराम से पालथी मारकर बैठ जाएं। अपने शरीर को सीधा व तान कर रखें, जिससे की आपकी शरीर व कमर बिल्कुल सीधी रहें। इसके बाद अपने दोनों हाथों की अंगुलियां खोलकर घुटनों पर रखें। अब सामान्य रूप से प्राणायाम करते हुए जितनी देर तक आप इस आसन में बैठ सकते हैं उतनी देर तक बैठें रहें। ध्यान रहे कि इस आसान के दौरान अपने मन को शांत व तनाव मुक्त रखें।
3 of 4
yoga
- फोटो : pixa
शवआसन
शव अर्थात मुर्दा शरीर को मुर्दे समान बना लेने के कारण ही इस आसन को शवआसन कहते हैं। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को आराम से फैला लें। अपने पैरों के पंजों को बाहर और एडि़यों को अंदर की ओर रखें। अपने दोनों हाथों को शरीर से करीब 6 इंच की दूरी पर रखें। अपनी हाथों की अंगुलियां मुड़ी हुई, गर्दन सीधी रखें। इस आसन को करते समय अपनी आंखो को बंद रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
अनुलोम विलोम
अनुलोम विलोम
अनुलोम विलोम एक प्राणायाम है। इस प्राणायाम को करने के लिए नाक के दाएं छिद्र से सांस खींचते हुए बायीं नाक के छिद्र से सांस बाहर निकालते है। इसी तरह अगर नाक के बाएं छिद्र से सांस खींचते है, तो नाक के दाहिने छिद्र से सांस को बाहर निकालते है। यह प्राणायाम शरीर के सभी नाड़ियों का शोधन करती है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर निरोग बनी रहती है।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।