Yoga For Energy: त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर कई लोग उपवास रखते हैं। नवरात्रि, एकादशी या अन्य व्रत के दौरान दिनभर की दिनचर्या संभालना, घर और ऑफिस के काम करना तथा ऊर्जा बनाए रखना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उपवास से पहले योगासन करने से शरीर को एक्टिव रखने और मन को शांत रखने में मदद मिल सकती है? सही तरीके से किया गया हल्का योग शरीर में लचीलापन बढ़ाने, तनाव कम करने और दिन की शुरुआत बेहतर ढंग से करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि योग करने से उपवास के दौरान थकान या कमजोरी पूरी तरह दूर होने की गारंटी नहीं है। शरीर की ऊर्जा भोजन, पानी, नींद और स्वास्थ्य पर भी निर्भर करती है। इसलिए व्रत शुरू करने से पहले बहुत कठिन व्यायाम करने के बजाय हल्के और आरामदायक योगासन चुनना बेहतर रहता है। यदि आपके व्रत में सूर्योदय के बाद भोजन और पानी लेने की अनुमति नहीं है, तो योग का समय और उसकी तीव्रता सोच-समझकर तय करें।
योगाभ्यास के लिए सुबह का समय सुविधाजनक हो सकता है, खासकर जब आप व्रत शुरू होने से पहले पर्याप्त पानी पी सकते हों और जरूरत के अनुसार पौष्टिक भोजन ले सकते हों। आइए जानते हैं पांच आसान योगासन और उनसे जुड़ी सावधानियां, जिन्हें अपनी क्षमता के अनुसार दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
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ताड़ासन
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ताड़ासन से करें दिन की शुरुआत
ताड़ासन एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला योगासन है। सीधे खड़े होकर दोनों पैरों पर समान वजन रखें, हाथों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और शरीर को आरामदायक सीमा तक लंबा करें। कुछ सामान्य सांसों तक इसी स्थिति में रहें। यह शरीर की मुद्रा और संतुलन पर काम करने में मदद कर सकता है।
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सुखासन
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सुखासन से पाएं मानसिक शांति
सुखासन में आराम से बैठें, पीठ को सहज रूप से सीधा रखें और आंखें बंद करके सामान्य सांसों पर ध्यान दें। शुरुआत में दो से पांच मिनट तक इसका अभ्यास किया जा सकता है। इससे मन को शांत करने और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। सांस रोकने या जबरदस्ती गहरी सांस लेने की जरूरत नहीं है।
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मार्जरी आसन
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मार्जरी आसन से शरीर को दें हल्का स्ट्रेच
मार्जरी आसन यानी कैट पोज में हाथों और घुटनों के बल आएं। सांस छोड़ते हुए पीठ को धीरे-धीरे ऊपर गोल करें और फिर सहज रूप से सामान्य स्थिति में लौटें। इस अभ्यास को बिना झटके के कुछ बार दोहराएं। घुटनों या कलाई में दर्द होने पर इसे छोड़ दें या प्रशिक्षक की मदद से बदलाव करें।
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बालासन के फायदे और अभ्यास का सही तरीका
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बालासन से दूर करें शरीर की जकड़न
बालासन में घुटनों के बल बैठकर शरीर को धीरे-धीरे आगे झुकाएं और माथे को आरामदायक सहारे पर रखें। हाथों को आगे फैलाया जा सकता है। कुछ सामान्य सांसों तक इसी मुद्रा में रहें। घुटनों की समस्या, गर्भावस्था या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों में इस आसन को करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।