दिवाली के दिनों में घर में सभी सदस्यों को कुछ न कुछ काम रहता ही है। व्यस्तताओं के चलते पूरी दिनचर्या बदल जाती है। खाने-पीने के समय में देर होने लगती है, आराम का समय भी प्रभावित होता है। ऐसे में बहुत जल्दी थकान होना या सुबह उठने पर शरीर में ऊर्जा महसूस न होना सामान्य बात है लेकिन दिवाली पूरे सालभर में सिर्फ एक बार आती है इसलिए हर कोई चाहता है कि इसे पूरे उत्साह के साथ मनाएं। यदि आप भी पूरी ऊर्जा के साथ मां लक्ष्मी का स्वागत करने को आतुर हैं तो आने वाले दिनों में सुबह उठते ही करें ये आसान योगाभ्यास, दिनभर नहीं महसूस होगी थकान।
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Diwali 2020:दिवाली के दिनों में सुबह उठते ही करें ये योगासन, दिनभर शरीर में रहेगी चुस्ती-फुर्ती
Sat, 14 Nov 2020 01:58 AM IST
तेजस्वी मेहता
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: तेजस्वी मेहता
Updated Sat, 14 Nov 2020 01:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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ताड़ासन
दोनों पंजों को मिलाकर उनके बीच में थोड़ी जगह छोड़कर खड़े हो जाएं। शरीर का वजन दोनों पैरों पर समान रुप से वितरित करें। भुजाओं को सिर के ऊपर उठाएं। उंगलियों को आपस में फंसाकर हथेलियों को ऊपर की ओर रखें। बाजुओं, कंधे और छाती को ऊपर की ओर खींचें। पैर की उंगलियों पर बैलेंस बनाएं ताकि दोनों एड़ी ऊपर तक उठ जाए। 20-10 सैकंड तक इसी मुद्रा में खड़े रहें। श्वास पर ध्यान लगाएं।
दोनों पंजों को मिलाकर उनके बीच में थोड़ी जगह छोड़कर खड़े हो जाएं। शरीर का वजन दोनों पैरों पर समान रुप से वितरित करें। भुजाओं को सिर के ऊपर उठाएं। उंगलियों को आपस में फंसाकर हथेलियों को ऊपर की ओर रखें। बाजुओं, कंधे और छाती को ऊपर की ओर खींचें। पैर की उंगलियों पर बैलेंस बनाएं ताकि दोनों एड़ी ऊपर तक उठ जाए। 20-10 सैकंड तक इसी मुद्रा में खड़े रहें। श्वास पर ध्यान लगाएं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
वीरभद्रासन
सबसे पहले आप सीधे खड़े हो जाएं, फिर दायें पैर को उठाएं, उसे घुटनों तक मोड़ें तथा बायें पैर को जितना संभव हो पीठ के पीछे ले जाएं। अपने बाएं हाथ को सामने से 45 डिग्री पर ऊपर उठाएं और सीधा खींचें, दायें को पीछे की ओर इस तरह से खींचें। ध्यान रहे आपका सिर स्थिर और दृष्टि सामने हो। यह आधा चक्र हुआ अब इसी तरह से बायें पैर से भी इसे करें। अब एक चक्र पूरा हुआ। दिनभर स्फूर्ति बनाए रखने के लिए कम से कम 10 चक्र जरूर करें।
सबसे पहले आप सीधे खड़े हो जाएं, फिर दायें पैर को उठाएं, उसे घुटनों तक मोड़ें तथा बायें पैर को जितना संभव हो पीठ के पीछे ले जाएं। अपने बाएं हाथ को सामने से 45 डिग्री पर ऊपर उठाएं और सीधा खींचें, दायें को पीछे की ओर इस तरह से खींचें। ध्यान रहे आपका सिर स्थिर और दृष्टि सामने हो। यह आधा चक्र हुआ अब इसी तरह से बायें पैर से भी इसे करें। अब एक चक्र पूरा हुआ। दिनभर स्फूर्ति बनाए रखने के लिए कम से कम 10 चक्र जरूर करें।
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- फोटो : social media
उष्ट्रासन
उष्ट्रासन को करने के लिए अपने मैट पर घुटने के सहारे बैठ जाएं और कुल्हे पर दोनों हाथों को रखें। घुटने कंधों के समानांतर हो तथा पैरों के तलवे आकाश की तरफ हो। सांस लेते हुए मेरुदंड को खींचें। गर्दन पर दबाव डाले बिना बैठे रहें। सांस छोड़ते हुए पुरानी स्थिति में वापिस आ जाएं। हाथों को वापिस अपनी कमर पर लाएं और सीधे हो जाएं। इस आसान को करने से थकान से होने वाले दर्द और अकड़न में भी निजात मिलती है।
उष्ट्रासन को करने के लिए अपने मैट पर घुटने के सहारे बैठ जाएं और कुल्हे पर दोनों हाथों को रखें। घुटने कंधों के समानांतर हो तथा पैरों के तलवे आकाश की तरफ हो। सांस लेते हुए मेरुदंड को खींचें। गर्दन पर दबाव डाले बिना बैठे रहें। सांस छोड़ते हुए पुरानी स्थिति में वापिस आ जाएं। हाथों को वापिस अपनी कमर पर लाएं और सीधे हो जाएं। इस आसान को करने से थकान से होने वाले दर्द और अकड़न में भी निजात मिलती है।
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bhujangasan
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भुजंगासन
भुजंगासन करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। दोनों हाथ दोनों कंधों के बराबर नीचे रखें, कोहनियों को शरीर के समीप ही रखें। लंबी गहरी श्वास लेते हुए मस्तक, छाती और पेट को उठाएं। नाभि को जमीन पर ही रहने दें। शरीर को दोनों हाथों के सहारे से पीछे की ओर खींचें। दोनों हाथों को सीधा ही रखें, मोड़े न। इसे करने से थकान और तनाव से मुक्ति मिलती है। सुबह जल्दी उठकर यदि इसे किया तो सारा दिन उत्साह के साथ बीतेगा।
भुजंगासन करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेट जाएं। दोनों हाथ दोनों कंधों के बराबर नीचे रखें, कोहनियों को शरीर के समीप ही रखें। लंबी गहरी श्वास लेते हुए मस्तक, छाती और पेट को उठाएं। नाभि को जमीन पर ही रहने दें। शरीर को दोनों हाथों के सहारे से पीछे की ओर खींचें। दोनों हाथों को सीधा ही रखें, मोड़े न। इसे करने से थकान और तनाव से मुक्ति मिलती है। सुबह जल्दी उठकर यदि इसे किया तो सारा दिन उत्साह के साथ बीतेगा।