स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित व्यायाम और योग करने की सलाह देते हैं। शरीर में ऊर्जा के संचार के साथ कई गंभीर प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए योग करना विशेष लाभदायक हो सकता है। तमाम प्रकार की समस्याओं को दूर करने के लिए अलग-अलग योग करने के बारे में बताया गया है। आज जिस योग के बारे में हम बात करने जा रहे हैं वह है सेतुबंधासन यानि की ब्रिज पोज योग।
आज का योग: रोजाना कीजिए ब्रिज पोज योग का अभ्यास, ऐसी दिक्कतें रहेंगी कोसों दूर
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कैसे करें ब्रिज पोज योग का अभ्यास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भी योग से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उसे सही तरीके से किया जाना आवश्यक होता है। सेतुबंधासन योग करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हुए दोबारा से पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
आर्थराइटिस में लाभदायक
ब्रिज पोज योग को कूल्हों, कमर और घुटनों के लिए काफी फायदेमंद योगाभ्यासों में से एक माना जाता है। जिन लोगों को गठिया की समस्या होती है, उनको नियमित रूप से सेतुबंधासन का अभ्यास करने से लाभ मिल सकता है। इसके अलावा कमर दर्द को कम करने में भी इस योगाभ्यास को काफी कारगर माना जाता है।
मानसिक शांति के लिए करें अभ्यास
विशेषज्ञों के मुताबिक सेतुबंधासन न केवन पीठ दर्द, अनिद्रा और गठिया जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक माना जाता है, साथ ही इसका अभ्यास करना मानसिक रोगों के खतरे को भी कम करता है। तनाव वाले हार्मोन को कम करने में इस योग आसन का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
अस्थमा में फायदेमंद
नियमित रूप से ब्रिज पोज योग का अभ्यास अस्थमा की जटिलाओं को कम करने में भी फायदेमंद माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़ों को खोलने के साथ सांस की तमाम जटिलताओं को कम करने के लिए नियमित रूप से इस योग का अभ्यास किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।