खुशी क्या है? अगर ये सवाल आपसे पूछा जाए तो शायद इसका जवाब देने में आपको कुछ मिनट लग जाए। किसी के चेहरे पर अपनों से मिलने पर खुशी आती है, तो किसी के लिए पैसा ही खुशी है। ज्यादातर लोगों को इनके कारण खुशी तो मिल जाती है लेकिन वो अधिक समय के लिए नहीं, सिर्फ कुछ समय के लिए ही होती है।
क्या आप जानते हैं कि खुशी का सबसे बड़ा कारण क्या है? संतुष्टि, यहीं है खुशी का सबसे बड़ा कारण, आपने इस शब्द को किताबों में तो बहुत पढ़ा होगा, लेकिन ये हकीकत है कि जब तक आप किसी भी चीज से संतुष्ट नहीं होंगे, आपके चेहरे पर लंबे समय तक खुशी नहीं रह सकती। ये बात हम नहीं, बल्कि अमेरिका की नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च कह रही है।
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हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि उम्र के अनुसार खुशी घटती बढ़ती रहती है। भारत सहित 97 देशों के 13 लाख लोगों पर किए गए सर्वे की रिपोर्ट में कहा गया है कि 16 से 20 और 65 से 85 उम्र के लोग सबसे ज्यादा खुश रहते हैं। वहीं इसके उलट 45 से 55 उम्र के बीच वाले लोग सबसे कम खुश रहते हैं।
डेविड जी बलैँचफ्लॉवर और एंड्रू ओसवॉल्ड द्वारा की तैयार की गई इस रिपोर्ट में अनुसार 16वीं साल और 80वीं साल सबसे ज्यादा खुशी वाली होती है। वहीं 50वीं साल में व्यक्ति की जिंदगी से खुशी लगभग गायब ही हो जाती है। इस रिपोर्ट में दुनिया के सात बड़ें सर्वे को भी शामिल किया गया है।
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मिडिल एज में कम होती है खुशी संतुष्टि ही सबसे बड़ी वजह होती है खुशी की, इसके बाद आय और व्यक्ति का स्वास्थ्य होता है। ऐसा माना गया है कि मिडिल एज में जॉब की चिंता, परिवार को समय नहीं दे पाने के कारण खुशी कम होती है।
आपकी खुशी को कोई और नहीं, बल्कि आप भी प्रभावित करते हैं। खुद की तुलना किसी दूसरे से करना सबसे कारण होता है आपकी उदासी का, इसके अलावा उम्मीद के मुताबिक चीजें न होना, अपने भूतकाल और भविष्य के बारे में अधिक सोचना और खुद के काम को नंबर देने की वजह भी आपकी खुशी छिन जाती है।
खोजकर्ताओं ने दुनिया भर में खास ट्रेंड्स का ऑनलाइन आकलन किया। साथ ही सरकारी और गैर सरकारी रिपोर्ट्स का भी अध्ययन किया और लोगों से सवाल पूछे गए।