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कभी झूमकर, तो कभी थिरक कर, ऐसे करें स्ट्रेस दूर
अंशुमाला
Updated Tue, 07 Nov 2017 08:42 AM IST
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dance therapy
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आपको डांस करना अच्छा लगता है? यदि हां, तो अपनी इस आदत को जारी रखिए। जिस तरह संगीत की धुन सुनकर मन-मस्तिष्क प्रसन्न और तनाव से दूर रहता है, ठीक उसी तरह डांस करने से सेहत पर सकारात्मक असर होता है। कुछ लोग डांस करने में शर्माते हैं। कुछ इसलिए भी डांस करने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें डांस की एबीसीडी भी नहीं आती। अपने मन से इस डर को निकालें। कोई डांस क्लास ज्वाइन करके देखें। आपको जो भी डांस आता है, उसे ही करें। हर तरह के डांस से शरीर को लाभ होता है। ऐसा करने से आप खुश तो रहेंगे ही, शारीरिक रूप से फिट भी रहेंगे।
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डांस एक थेरेपी
डास करना एक थेरेपी है। इससे दिमाग एक्टिव होता है। दिमाग की नसें खुलती हैं। यदि डांस थेरेपी को रुटीन में शामिल किया जाए, तो मूड में सकारात्मक रूप से परिवर्तन आता है।
डास करना एक थेरेपी है। इससे दिमाग एक्टिव होता है। दिमाग की नसें खुलती हैं। यदि डांस थेरेपी को रुटीन में शामिल किया जाए, तो मूड में सकारात्मक रूप से परिवर्तन आता है।
तनाव से मिलता है छुटकारा
प्रतिदिन आप दस से पंद्रह मिनट भी डांस करते हैं, तो एंडॉर्फिन लेवल ठीक रहता है। यह तनाव और चिंता को दूर रखता है। डांस करने के बाद हल्का महसूस होता है, क्योंकि इससे कैलोरी घटती है। डांस मन और शरीर के बीच सामंजस्य को बेहतर बनाता है। इसके अलावा डांस करने से शरीर लचीला होता है।
प्रतिदिन आप दस से पंद्रह मिनट भी डांस करते हैं, तो एंडॉर्फिन लेवल ठीक रहता है। यह तनाव और चिंता को दूर रखता है। डांस करने के बाद हल्का महसूस होता है, क्योंकि इससे कैलोरी घटती है। डांस मन और शरीर के बीच सामंजस्य को बेहतर बनाता है। इसके अलावा डांस करने से शरीर लचीला होता है।
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दिल रहे स्वस्थ
इटली में हुए एक शोध के अनुसार, जो लोग दिल से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त हैं, उन्हें भी अपने रोजमर्रा की जिंदगी में डांस शामिल करना चाहिए। दिल को स्वस्थ रखने के लिए इससे बेहतर उपाय कोई और नहीं। डांस करने से हृदय में रक्त का संचार अच्छी तरह से होता है। बॉल डांसिंग से हृदय को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। साथ ही इससे रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। अमेरिका के नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि बॉल डांस से कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है। रक्तचाप नियंत्रित रहता है। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी सुधार आता है।
इटली में हुए एक शोध के अनुसार, जो लोग दिल से संबंधित बीमारियों से ग्रस्त हैं, उन्हें भी अपने रोजमर्रा की जिंदगी में डांस शामिल करना चाहिए। दिल को स्वस्थ रखने के लिए इससे बेहतर उपाय कोई और नहीं। डांस करने से हृदय में रक्त का संचार अच्छी तरह से होता है। बॉल डांसिंग से हृदय को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। साथ ही इससे रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। अमेरिका के नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि बॉल डांस से कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा कम हो जाता है। रक्तचाप नियंत्रित रहता है। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी सुधार आता है।
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डांस करें, वजन घटाएं
दि आप प्रतिदिन डांस करते हैं, तो इससे 150 से 500 कैलोरी तक आप कम कर सकते हैं। वजन कम करने के लिए जुम्बा डांस को बेहतर माना गया है। इस डांस फॉर्म को यदि आप 60 मिनट भी करते हैं, तो 400 से 600 कैलोरी बर्न कर सकते हैं। इससे पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। पेट की मांसपेशियां लचीली बनती हैं, जिससे पाचनक्रिया सुचारू रूप से काम करती है। डांस करने से रोगप्रतिरोध क्षमता दुरुस्त होती है। हालांकि अपनी सेहत और शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ही डांस करें।
दि आप प्रतिदिन डांस करते हैं, तो इससे 150 से 500 कैलोरी तक आप कम कर सकते हैं। वजन कम करने के लिए जुम्बा डांस को बेहतर माना गया है। इस डांस फॉर्म को यदि आप 60 मिनट भी करते हैं, तो 400 से 600 कैलोरी बर्न कर सकते हैं। इससे पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। पेट की मांसपेशियां लचीली बनती हैं, जिससे पाचनक्रिया सुचारू रूप से काम करती है। डांस करने से रोगप्रतिरोध क्षमता दुरुस्त होती है। हालांकि अपनी सेहत और शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ही डांस करें।