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पेट में बनती है गैस तो बढ़ जाता है इस बीमारी का खतरा, इलाज मुश्किल, बचने का तरीका जान लें
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 14 Jun 2018 10:18 AM IST
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Gas
पेट में गैस की समस्या आम हो चुकी है। कई लोगों को जब भी यह परेशानी होती है, उनका सिर भी दुखने लगता है। जब हम इन दोनों में से किसी एक की दवा खाते हैं, दोनों तरह के दर्द से आराम मिल जाता है। ऐसे में यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि क्या गैस और माइग्रेन में भी कोई कनेक्शन है?
migraine
माइग्रेन के लक्षण
माइग्रेन की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। कई लोग लक्षणों के आधार पर पहले ही पता लगा लेते हैं कि माइग्रेन अटैक होने वाला है। इन लक्षणों को चार स्तर में बांटा गया है-
स्टेज-1: प्रोड्रोम
जो भी शख्स माइग्रेन से पीड़ित है वह एक-दो दिन पहले ही इन लक्षणों के आधार पर जान सकता है कि उसे सिर दर्द होने वाला है। कब्ज, मूड स्विंग्स, गले में अकड़न, ज्यादा खाना खाने की इच्छा, प्यास और यूरीन बढ़ना, रह रहकर जम्हाई आना माइग्रेन के शुरूआती लक्षण हैं।
माइग्रेन की समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। कई लोग लक्षणों के आधार पर पहले ही पता लगा लेते हैं कि माइग्रेन अटैक होने वाला है। इन लक्षणों को चार स्तर में बांटा गया है-
स्टेज-1: प्रोड्रोम
जो भी शख्स माइग्रेन से पीड़ित है वह एक-दो दिन पहले ही इन लक्षणों के आधार पर जान सकता है कि उसे सिर दर्द होने वाला है। कब्ज, मूड स्विंग्स, गले में अकड़न, ज्यादा खाना खाने की इच्छा, प्यास और यूरीन बढ़ना, रह रहकर जम्हाई आना माइग्रेन के शुरूआती लक्षण हैं।
migraine
स्टेज-2: माइग्रेन ऑरा
माइग्रेन के दर्द के दौरान कई लोग ऑरा का अनुभव भी करते हैं। नर्वस सिस्टम से जुड़े लक्षण को ऑरा कहते हैं। कई लोगों को माइग्रेन के दर्द के साथ-साथ देखने में भी परेशानी होने लगती है। उनकी आंखों के सामने चमकीले स्पॉट या फ्लैश नजर आने लगते हैं। वहीं, कई लोगों को पैर और बांह में सूई सी चुभन महसूस होती है।यही नहीं, कई लोग तो इस दौरान साफ बोल भी नहीं पाते।
स्टेज-3: अटैक
वक्त रहते अगर माइग्रेन का उपचार ना किया गया तो यह चार घंटे से लेकर 72 घंटे तक रह सकता है। इस दौरान सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होता है।रौशनी, आवाज यहां तक कि सुगंध या किसी के छूने से भी उन्हें तकलीफ होने लगती है। इसके अलावा कई लोगों को माइग्रेन अटैक के दौरान उल्टी भी होती है। तो अगर सिरदर्द के साथ-साथ आपके साथ ये चीजें भी हो रही हैं तो संभव है कि आप भी माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो चुके हैं।
माइग्रेन के दर्द के दौरान कई लोग ऑरा का अनुभव भी करते हैं। नर्वस सिस्टम से जुड़े लक्षण को ऑरा कहते हैं। कई लोगों को माइग्रेन के दर्द के साथ-साथ देखने में भी परेशानी होने लगती है। उनकी आंखों के सामने चमकीले स्पॉट या फ्लैश नजर आने लगते हैं। वहीं, कई लोगों को पैर और बांह में सूई सी चुभन महसूस होती है।यही नहीं, कई लोग तो इस दौरान साफ बोल भी नहीं पाते।
स्टेज-3: अटैक
वक्त रहते अगर माइग्रेन का उपचार ना किया गया तो यह चार घंटे से लेकर 72 घंटे तक रह सकता है। इस दौरान सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होता है।रौशनी, आवाज यहां तक कि सुगंध या किसी के छूने से भी उन्हें तकलीफ होने लगती है। इसके अलावा कई लोगों को माइग्रेन अटैक के दौरान उल्टी भी होती है। तो अगर सिरदर्द के साथ-साथ आपके साथ ये चीजें भी हो रही हैं तो संभव है कि आप भी माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो चुके हैं।
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headace
स्टेज-4: पोस्ट- ड्रोम
अगर सिर दर्द खत्म होने के बाद भी आपको ऐसा लगे कि आपकी ऊर्जा खत्म हो चुकी है, शरीर में कमजोरी महसूस हो रही हो या फिर चक्कर आएं, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। हो सकता है कि आपको माइग्रेन की समस्या है।
अगर सिर दर्द खत्म होने के बाद भी आपको ऐसा लगे कि आपकी ऊर्जा खत्म हो चुकी है, शरीर में कमजोरी महसूस हो रही हो या फिर चक्कर आएं, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें। हो सकता है कि आपको माइग्रेन की समस्या है।
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citrus fruit
माइग्रेन की समस्या है तो ना खाएं ये चीजें
जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या होती है उन्हें खट्टे फलों के सेवन से बचना चाहिए। खट्टे फलों में सिट्रस एसिड होता जिससे खून का पीएच लेवल भी प्रभावित होता है। नारंगी, कीवी, नींबू आदि में विटामिन सी होता है। इसके अलावा इनमें थाईरामाइन और हिस्टामाइन भी पाए जाते हैं। इन सब वजहों से जब भी आप खट्टे फल खाते हैं माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है। इसके अलावा कैफीन, शराब और डाइट सोडा के सेवन से भी बचना चाहिए। पका केला, बासी खाना, चीज़, विनेगर और खमीर लगी हुई खाने वाली चीजों से भी दूरी बनाकर रहना ही बेहतर है।
जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या होती है उन्हें खट्टे फलों के सेवन से बचना चाहिए। खट्टे फलों में सिट्रस एसिड होता जिससे खून का पीएच लेवल भी प्रभावित होता है। नारंगी, कीवी, नींबू आदि में विटामिन सी होता है। इसके अलावा इनमें थाईरामाइन और हिस्टामाइन भी पाए जाते हैं। इन सब वजहों से जब भी आप खट्टे फल खाते हैं माइग्रेन का दर्द शुरू हो जाता है। इसके अलावा कैफीन, शराब और डाइट सोडा के सेवन से भी बचना चाहिए। पका केला, बासी खाना, चीज़, विनेगर और खमीर लगी हुई खाने वाली चीजों से भी दूरी बनाकर रहना ही बेहतर है।